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समस्याओं से जूझ रहा लघु उद्योग

Sun, 22 May 2016 10:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मैहतपुर
ब्यूरो/अमर उजाला/मैहतपुर Updated Sun, 22 May 2016 10:47 PM IST
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industrialist are facing with MANY problems
इंडस्ट्री - फोटो : demo pic

राज्य सरकार प्रदेश में लघु उद्योग की सेहत सुधारने के बड़े-बड़े दावे तो करती है, लेकिन स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र के लघु उद्योगों की हालत को देखकर नहीं लगता कि सरकारी दवा लद्यु उद्योग की सेहत सुधारने में कारगर साबित हो रही है।

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मर्ज बढ़ता गया, ज्यूं ज्यूं दवा दी की तर्ज पर मैहतपुर औद्योगिक क्षेत्र में तो पूरी तरह सटीक बैठता है। अरसे से जिन समस्याओं से स्थानीय लघु उद्योग जूझ रहा है, उन समस्याओं पर संजीदगी से गौर ही नहीं हुआ। यही वजह है कि लघु उद्योग आज भी दौड़ने के स्थान पर रेंगता हुआ नजर आ रहा है। कई ऐसे ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनकी ओर आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। स्थानीय उद्यमियों की मांगों एवं समस्याओं को लेकर एक खत के जरिये स्थानीय उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष उद्यमी सीआर कौशल ने अरसा पूर्व निदेशक उद्योग प्रदेश सरकार के साथ साथ महाप्रबंधक डीआईसी ऊना को भी अवगत करवाया था, लेकिन कोई पुख्ता कार्रवाई न होने से वे मुद्दे और समस्याएं आज भी वैसी की वैसी हैं। 
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उद्यमियों की मांगों एवं समस्याओं में उद्योगों में हर साल इलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की वैद्यता कम से कम पांच साल तक मान्य करना, आईएडीए की सदस्यता में प्रत्येक उद्यमी को शामिल करना, पड़ोसी राज्यों से हिमाचल में बिना बिल सामान की आमद पर पूरी तरह से नकेल कसना, हिमाचल के उद्योगों में तैयार माल पर एजीटी (एडिशनल गुड्स टेक्स) खत्म करना,  उर्जा राज्य के तमगे से नवाजे गए प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र में अघोषित पावर कट से छुटकारा दिलाना आदि शामिल हैं।
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 स्थानीय उद्यमियों को आज तक रिहायशी कॉलोनी भी नसीब नहीं हो सकी है। कॉलोनी न होने से उद्योग ही उनके आशियाने बन रहे हैं। लघु उद्योगों को कामर्शियल यूज की मंजूरी मिलनी चाहिए, जिससे उद्योग स्थानीय स्तर पर तैयार माल को यहीं बेचकर अपना कारोबार बढ़ा सकें। प्रदूषण विभाग की प्रोसेसिंग फीस पर भी सवाल खड़े हुए हैं। पचास लाख तक के निवेशक यूनिटस से न्यूनतम फीस लेकर प्रणाली को सरल करने की भी मांग गई है। उद्योग संघ के पूर्व अध्यक्ष बलराम चंदेल, बलतेजिंद्र सिंह, पीसी शर्मा समेत कई अन्य उद्यमियों ने मांगों एवं समस्याओं पर संजीदगी दिखाने की मांग उठाई है। उधर सूबे के कबिना उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री का मानना है कि राज्य सरकार लघु उद्योग के लिए कई नई योजनाएं ला रही है, जिससे उनकी सेहत में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते राज्य में लघु उद्योग के दिन सुधरे हैं।

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