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गैर कानूनी ढंग से खनन कर पूरे क्रशर उद्योग को कर रहे बदनाम : डिंपल
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बोले, विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे के निर्माण में निभा रहा अहम भूमिका
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश क्रशर एसोसिएशन जिला ऊना की बैठक रविवार को ऊना में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान डिंपल ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अवैध खनन कर क्रशर उद्योग को बदनाम कर रहे हैं और प्रशासन से ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में 85 लीज स्वीकृत हैं, जिनमें से 45 क्रशर नियमानुसार कार्य कर रहे हैं और करीब पांच हजार लोगों को रोजगार दे रहे हैं। क्रशर उद्योग न सिर्फ स्थानीय रोजगार, बल्कि राज्य के विकास और आपदा राहत में भी योगदान दे रहा है। हाल ही में मंडी आपदा में 2.71 लाख रुपये की सहायता दी गई। डिंपल ठाकुर ने कहा कि स्वां नदी में 1400 करोड़ की तटीकरण परियोजना से खनन आवश्यक है, ताकि सिल्ट जमा न हो और तटबांध सुरक्षित रहें। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों की आलोचना करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हरोली में खनन में पहाड़ों का दोहन नहीं किया गया है। क्रशर उद्योग पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है। बैठक में रमन पाठक, विश्वजीत पटियाल, मदन जसवाल, कपिल शर्मा, बहादुर, अजय चौधरी, अमित कौंडल, रोहित मेहता, पवन कुमार और सुमित शर्मा सहित कई क्रशर संचालक मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। हिमाचल प्रदेश क्रशर एसोसिएशन जिला ऊना की बैठक रविवार को ऊना में आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला प्रधान डिंपल ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अवैध खनन कर क्रशर उद्योग को बदनाम कर रहे हैं और प्रशासन से ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि जिला ऊना में 85 लीज स्वीकृत हैं, जिनमें से 45 क्रशर नियमानुसार कार्य कर रहे हैं और करीब पांच हजार लोगों को रोजगार दे रहे हैं। क्रशर उद्योग न सिर्फ स्थानीय रोजगार, बल्कि राज्य के विकास और आपदा राहत में भी योगदान दे रहा है। हाल ही में मंडी आपदा में 2.71 लाख रुपये की सहायता दी गई। डिंपल ठाकुर ने कहा कि स्वां नदी में 1400 करोड़ की तटीकरण परियोजना से खनन आवश्यक है, ताकि सिल्ट जमा न हो और तटबांध सुरक्षित रहें। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों की आलोचना करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि हरोली में खनन में पहाड़ों का दोहन नहीं किया गया है। क्रशर उद्योग पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है। बैठक में रमन पाठक, विश्वजीत पटियाल, मदन जसवाल, कपिल शर्मा, बहादुर, अजय चौधरी, अमित कौंडल, रोहित मेहता, पवन कुमार और सुमित शर्मा सहित कई क्रशर संचालक मौजूद रहे।