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पेयजल की रैंडम सैंपलिंग नहीं कर पाया स्वास्थ्य विभाग
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ऊना। जिलावासियों को जलजनित रोगों से बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से जारी निर्देशों का पालन स्वास्थ्य विभाग धरातल पर नहीं कर पा रहा है।
जिले में पेयजल की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से होने वाली रैंडम सैंपलिंग नहीं हो पा रही है। प्रशासन के निर्देशों के बाद भी जिलेभर में मानसून आने से पूर्व सैंपलिंग कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे जलजनित रोगों से बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से किए जाने दावों पर सवाल खड़ेे होना शुरू हो गए हैं।
जिलाभर में पेयजल सैंपल की जांच के लिए जल शक्ति विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग की रैंडम सैंपलिंग करता है। हर साल जलजनित रोगों से बचाव के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ये दावे केवल विभाग की बैठकों तक ही सीमित रह जाते हैं। जिले में कुछ दिन पूर्व प्रशासन ने मानसूून में आने वाली समस्याओं को दूर करने और जल जनित रोगों को फैलने से बचाने के लिए संबंधित विभागों को समय रहते कार्य पूरा करने के लिए निर्देश जारी किए गए। इस दौरान जल शक्ति विभाग को पेयजल भंडरण टैंकों की सफाई और पेयजल की सैंपल की जांच के लिए निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी समय रहते पेयजल स्रोत आदि की रैंडम सैंपलिंग के लिए निर्देशित किया गया, जिनमें जिन क्षेत्रों में जलजनित रोग फैलने की संभावना अधिक रहती, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर सैंपलिंग करने के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग अभी तक अपने स्तर पर रैंडम सैंपलिंग नहीं कर पाया है। जिले में जल शक्ति विभाग के सहारे ही पेयजल की जांच का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जलजनित रोग फैलने की आशंका के बाद ही सैंपलिंग करता है। जलजनित रोगों के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। वहीं, एडीसी ऊना डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि जलजनित रोगों को लेकर हुई बैठक में दिए गए निर्देशों की पालना को लेकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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जिले में पेयजल की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से होने वाली रैंडम सैंपलिंग नहीं हो पा रही है। प्रशासन के निर्देशों के बाद भी जिलेभर में मानसून आने से पूर्व सैंपलिंग कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिससे जलजनित रोगों से बचाव के लिए प्रशासन की तरफ से किए जाने दावों पर सवाल खड़ेे होना शुरू हो गए हैं।
जिलाभर में पेयजल सैंपल की जांच के लिए जल शक्ति विभाग के अलावा स्वास्थ्य विभाग की रैंडम सैंपलिंग करता है। हर साल जलजनित रोगों से बचाव के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन ये दावे केवल विभाग की बैठकों तक ही सीमित रह जाते हैं। जिले में कुछ दिन पूर्व प्रशासन ने मानसूून में आने वाली समस्याओं को दूर करने और जल जनित रोगों को फैलने से बचाने के लिए संबंधित विभागों को समय रहते कार्य पूरा करने के लिए निर्देश जारी किए गए। इस दौरान जल शक्ति विभाग को पेयजल भंडरण टैंकों की सफाई और पेयजल की सैंपल की जांच के लिए निर्देश दिए गए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को भी समय रहते पेयजल स्रोत आदि की रैंडम सैंपलिंग के लिए निर्देशित किया गया, जिनमें जिन क्षेत्रों में जलजनित रोग फैलने की संभावना अधिक रहती, वहां पर प्राथमिकता के आधार पर सैंपलिंग करने के निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग अभी तक अपने स्तर पर रैंडम सैंपलिंग नहीं कर पाया है। जिले में जल शक्ति विभाग के सहारे ही पेयजल की जांच का कार्य किया जा रहा है। इस संबंध में सीएमओ ऊना डॉ. रमन शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जलजनित रोग फैलने की आशंका के बाद ही सैंपलिंग करता है। जलजनित रोगों के बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। वहीं, एडीसी ऊना डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि जलजनित रोगों को लेकर हुई बैठक में दिए गए निर्देशों की पालना को लेकर रिपोर्ट मांगी जाएगी।
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