{"_id":"6886789fdbd2d4db630460e4","slug":"government-should-issue-relief-package-for-farmers-and-small-traders-gopal-una-news-c-93-1-una1002-160517-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए जारी करे राहत पैकेज : गोपाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए जारी करे राहत पैकेज : गोपाल
Mon, 28 Jul 2025 12:36 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 28 Jul 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
बड़ूही (ऊना)। आम आदमी पार्टी (आप) हिमाचल प्रदेश ने राज्य में किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों की लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके साथ ही किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों के ऋण माफी और राहत पैकेज की मांग की है।
जिला अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गर्ग ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसान प्राकृतिक आपदाओं और महंगे उत्पादन खर्चों के कारण कर्ज में डूब रहे हैं। छोटे व्यापारी ऑनलाइन बाजार और महंगाई की मार झेलते हुए कारोबार चलाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। मध्यमवर्गीय परिवार बेरोजगारी और कर्ज की किस्तों में पिसते नजर आ रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां देश के बड़े पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के लोन माफ किए जा रहे हैं, वहीं अन्नदाता, व्यापारी और आम परिवार सरकार की उपेक्षा के शिकार हैं।
उन्होंने मांग की कि किसानों के पांच लाख रुपये तक के कृषि ऋण तुरंत माफ किए जाएं, छोटे व्यापारियों को राहत पैकेज और विशेष संरक्षण नीति मिले तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के गृह, शिक्षा और व्यक्तिगत ऋणों में राहत प्रदान की जाए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गर्ग ने बयान जारी करते हुए कहा कि किसान प्राकृतिक आपदाओं और महंगे उत्पादन खर्चों के कारण कर्ज में डूब रहे हैं। छोटे व्यापारी ऑनलाइन बाजार और महंगाई की मार झेलते हुए कारोबार चलाने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। मध्यमवर्गीय परिवार बेरोजगारी और कर्ज की किस्तों में पिसते नजर आ रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जहां देश के बड़े पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये के लोन माफ किए जा रहे हैं, वहीं अन्नदाता, व्यापारी और आम परिवार सरकार की उपेक्षा के शिकार हैं।
विज्ञापन
उन्होंने मांग की कि किसानों के पांच लाख रुपये तक के कृषि ऋण तुरंत माफ किए जाएं, छोटे व्यापारियों को राहत पैकेज और विशेष संरक्षण नीति मिले तथा मध्यमवर्गीय परिवारों के गृह, शिक्षा और व्यक्तिगत ऋणों में राहत प्रदान की जाए। संवाद
विज्ञापन