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किराया बढ़ाने की अधिसूचना जारी करे सरकार : राजेश पराशर
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न्यूनतम किराया 15 रुपये करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की तरफ से मंत्रिमंडल की बैठक में न्यूनतम किराये को पांच से 10 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को लागू करने के लिए पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसका निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने विरोध किया है। इस मसले को लेकर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने वीरवार को ऊना में विशेष बैठक का आयोजन किया। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम बस किराया 5 से 10 रुपये करने का एलान किए 5 दिन हो गए हैं, लेकिन इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। प्रदेश में सभी अधिकारी और कर्मचारी पंजाब की तर्ज पर वेतन और भत्ते लागू करने की मांग करते हैं। यदि पंजाब में न्यूनतम बस किराये का पैटर्न देखा जाए तो उस कड़ी में हिमाचल प्रदेश बहुत पीछे छूट गया है। पंजाब के आधार पर ही तमाम योजनाओं को लागू करने के तहत हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराये को 15 से 20 रुपये तक लागू किया जाना चाहिए। कहा कि यदि सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय भी किसी ने जाना हो तो वहां पर भी 10 रुपये अदा करने पड़ते हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराये को लेकर विधायकों की ओर से शोर शराबा किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सकार से मांग उठाई कि न्यूनतम किराया 10 से बढ़ाकर कम से कम 15 रुपये किया जाए। हाल ही में विधानसभा में विधायकों और मंत्रियों के वेतन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस पर कोई भी विरोध नहीं जताया गया। ऐसे में 10 रुपये किराया होने पर विरोध क्यों किया जा रहा है। इस अवसर पर निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष महेंद्र मनकोटिया, महासचिव दिनेश सैणी, उपाध्यक्ष पंकज दत्ता सहित अन्य बस संचालक मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। प्रदेश सरकार की तरफ से मंत्रिमंडल की बैठक में न्यूनतम किराये को पांच से 10 रुपये करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को लागू करने के लिए पांच दिन बीत जाने के बाद भी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इसका निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने विरोध किया है। इस मसले को लेकर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने वीरवार को ऊना में विशेष बैठक का आयोजन किया। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश पराशर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से न्यूनतम बस किराया 5 से 10 रुपये करने का एलान किए 5 दिन हो गए हैं, लेकिन इसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। प्रदेश में सभी अधिकारी और कर्मचारी पंजाब की तर्ज पर वेतन और भत्ते लागू करने की मांग करते हैं। यदि पंजाब में न्यूनतम बस किराये का पैटर्न देखा जाए तो उस कड़ी में हिमाचल प्रदेश बहुत पीछे छूट गया है। पंजाब के आधार पर ही तमाम योजनाओं को लागू करने के तहत हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराये को 15 से 20 रुपये तक लागू किया जाना चाहिए। कहा कि यदि सार्वजनिक स्थलों पर शौचालय भी किसी ने जाना हो तो वहां पर भी 10 रुपये अदा करने पड़ते हैं लेकिन हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराये को लेकर विधायकों की ओर से शोर शराबा किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश सकार से मांग उठाई कि न्यूनतम किराया 10 से बढ़ाकर कम से कम 15 रुपये किया जाए। हाल ही में विधानसभा में विधायकों और मंत्रियों के वेतन में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इस पर कोई भी विरोध नहीं जताया गया। ऐसे में 10 रुपये किराया होने पर विरोध क्यों किया जा रहा है। इस अवसर पर निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष महेंद्र मनकोटिया, महासचिव दिनेश सैणी, उपाध्यक्ष पंकज दत्ता सहित अन्य बस संचालक मौजूद रहे।