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Una News: पेमेंट न मिलने से खफा सरकारी ठेकेदारों ने विकास कार्य किए बंद
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ऊना विश्राम गृह में बैठक के बाद के साथ ठेकेदार।संवाद
लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में ठेकेदारों का फंसा 200 करोड़
ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने ऊना में बैठक कर तैयार की आगामी रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों ने सभी विकास कार्य बंद कर दिए हैं। ऐसे में करोड़ों के विकास कार्यों का निर्माण ठप हो गया है। यही नहीं ठेकेदारों ने एलान कर दिया है कि जब तक उनके लंबित बिलों का भुगतान नहीं होता विकास कार्यों के साथ सरकारी मशीनरी की भी मरम्मत नहीं की जाएगी। ऊना जिला में लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों के करीब 200 करोड़ के बिल पेंडिंग पड़े हुए हैं। सरकार की ओर से पिछले करीब एक-डेढ़ वर्ष से ठेकेदारों के मुकम्मल हो चुके कार्यों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों को 31 मार्च को बिल क्लीयर होने की आस थी, लेकिन प्रदेश में पहली मर्तबा इस दिन भी ठेकेदारों को मायूसी ही हाथ लगी। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने बीते दिनों ही ऊना में जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया था और प्रदेश सरकार और विभागों को 15 अप्रैल तक बिल का भुगतान करने के लिए अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब तय तिथि तक भी उनके बिलों का भुगतान न होने से खफा ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। बुधवार को सर्किट हाउस ऊना में ठेकेदारों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर की अगुवाई में बैठक की। इसमें आगामी रणनीति तैयार की गई। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अशोक ठाकुर, ओपी धीमान, राकेश लट्ठ, संत कुमार, रम्मी कपिला, मनीष कपिला, राज कुमार, विकास शर्मा, आकाश कुमार ने कहा कि ठेकेदारों को लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों ने बैंक से लोन लेकर विकास कार्य मुकम्मल किए हैं। किसी ठेकेदारों ने गहने गिरवी रखकर काम पूरे किए हैं, लेकिन अब सरकार ठेकेदारों की पेमेंट न देकर उनके साथ खिलवाड़ कर रही है। बैंक वाले बार-बार ठेकेदारों को फोन कर परेशान कर रहे हैं। ठेकेदार सरकार और सरकारी विभागों के साथ विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करता है, लेकिन इस वर्ग के साथ लगातार धक्का किया जा रहा है। ठेकेदारों ने कहा कि सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स अदा करते है। जीएसटी, इनकम टैक्स, लेबर सेस आदि देते है। लेबर सेस तो ठेकेदार देते हैं, लेकिन उनकी लेबर को उससे कोई लाभ नहीं होता। उस पैसे से नेता ही लोगों को मुफ्त की रेवड़ियां बांटते हैं।
जल शक्ति विभाग में लगी गाड़ी के नौ माह से नहीं मिले पैसे
जल शक्ति विभाग में लगी गाड़ी मालिक को पिछले नौ माह से एक भी पैसा नहीं मिला है। गाड़ी मालिक मुकेश कुमार का करीब 7 लाख रुपये फंसा हुआ है। मुकेश कुमार ने बताया कि उसे गाड़ी की किस्तें भरना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, पेट्रोल पंप वाले भी उसे तंग कर रहे हैं। अब तो परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। सरकार जल्द उसके पैसों का भुगतान करें।
प्रदेश में पहली बार 31 मार्च को नहीं हुए बिल क्लीयर
प्रदेश में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि ठेकेदारों को 31 मार्च को भी बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। जिला ऊना में लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों के करीब 200 करोड़ के बिल फंसे हुए हैं। लंबे समय से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। पेमेंट नहीं मिलने पर ठेकेदारों को अब अपने परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
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ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने ऊना में बैठक कर तैयार की आगामी रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों ने सभी विकास कार्य बंद कर दिए हैं। ऐसे में करोड़ों के विकास कार्यों का निर्माण ठप हो गया है। यही नहीं ठेकेदारों ने एलान कर दिया है कि जब तक उनके लंबित बिलों का भुगतान नहीं होता विकास कार्यों के साथ सरकारी मशीनरी की भी मरम्मत नहीं की जाएगी। ऊना जिला में लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों के करीब 200 करोड़ के बिल पेंडिंग पड़े हुए हैं। सरकार की ओर से पिछले करीब एक-डेढ़ वर्ष से ठेकेदारों के मुकम्मल हो चुके कार्यों के बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों को 31 मार्च को बिल क्लीयर होने की आस थी, लेकिन प्रदेश में पहली मर्तबा इस दिन भी ठेकेदारों को मायूसी ही हाथ लगी। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन ने बीते दिनों ही ऊना में जबरदस्त रोष प्रदर्शन किया था और प्रदेश सरकार और विभागों को 15 अप्रैल तक बिल का भुगतान करने के लिए अल्टीमेटम दिया था, लेकिन अब तय तिथि तक भी उनके बिलों का भुगतान न होने से खफा ठेकेदारों ने सरकार के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजा दिया है। बुधवार को सर्किट हाउस ऊना में ठेकेदारों ने एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक ठाकुर की अगुवाई में बैठक की। इसमें आगामी रणनीति तैयार की गई। ठेकेदार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अशोक ठाकुर, ओपी धीमान, राकेश लट्ठ, संत कुमार, रम्मी कपिला, मनीष कपिला, राज कुमार, विकास शर्मा, आकाश कुमार ने कहा कि ठेकेदारों को लंबे समय से बिलों का भुगतान नहीं हो पा रहा है। ठेकेदारों ने बैंक से लोन लेकर विकास कार्य मुकम्मल किए हैं। किसी ठेकेदारों ने गहने गिरवी रखकर काम पूरे किए हैं, लेकिन अब सरकार ठेकेदारों की पेमेंट न देकर उनके साथ खिलवाड़ कर रही है। बैंक वाले बार-बार ठेकेदारों को फोन कर परेशान कर रहे हैं। ठेकेदार सरकार और सरकारी विभागों के साथ विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करता है, लेकिन इस वर्ग के साथ लगातार धक्का किया जा रहा है। ठेकेदारों ने कहा कि सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स अदा करते है। जीएसटी, इनकम टैक्स, लेबर सेस आदि देते है। लेबर सेस तो ठेकेदार देते हैं, लेकिन उनकी लेबर को उससे कोई लाभ नहीं होता। उस पैसे से नेता ही लोगों को मुफ्त की रेवड़ियां बांटते हैं।
जल शक्ति विभाग में लगी गाड़ी के नौ माह से नहीं मिले पैसे
जल शक्ति विभाग में लगी गाड़ी मालिक को पिछले नौ माह से एक भी पैसा नहीं मिला है। गाड़ी मालिक मुकेश कुमार का करीब 7 लाख रुपये फंसा हुआ है। मुकेश कुमार ने बताया कि उसे गाड़ी की किस्तें भरना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, पेट्रोल पंप वाले भी उसे तंग कर रहे हैं। अब तो परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। सरकार जल्द उसके पैसों का भुगतान करें।
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प्रदेश में पहली बार 31 मार्च को नहीं हुए बिल क्लीयर
प्रदेश में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि ठेकेदारों को 31 मार्च को भी बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। जिला ऊना में लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग के ठेकेदारों के करीब 200 करोड़ के बिल फंसे हुए हैं। लंबे समय से ठेकेदारों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। पेमेंट नहीं मिलने पर ठेकेदारों को अब अपने परिवारों का पालन पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
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