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जिले में मौसम बदलते ही वायरल बुखार के मामले बढ़े
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ऊना जिला के अस्पतालों में रोजाना पहुंच रहे 15 से 20 मामले, लोग परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल फीवर के मामले बढ़ना शुरू हो गए हैं। मौसम बदलने के कारण इस प्रकार के मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने वायरल फीवर और डेंगू से बचने के लिए कुछ दिनों पूर्व एड्वाइजरी भी जारी की है।
जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में वायरल फीवर के मामले सामने आ रहे हैं। जिला में मौसम के बदले रुख के चलते इस प्रकार के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इन दिनों वायरल बुखार खांसी जुकाम गले में खराबी बदन दर्द, सिर दर्द शरीर में अकड़न जैसे मामले अधिकतर सामने आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलोला, राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय नारी, धमांदरी, रायसंरी तथा तयूड़ी सहित विभिन्न अस्पतालों में मामले सामने आए हैं। इस संबंध में डॉ. आकांक्षा, डॉ. नीरू शर्मा, डॉ. नमिता तथा डॉ. हेमंत ने बताया के पिछले 15 दिनों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत के बीच वायरल फीवर और बदलते मौसम के समय आ रही परेशानियों वाले मरीज बढ़े हैं। बताया कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन पर यह बीमारियों हमला करती हैं।
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यह है वायरल फीवर के लक्षण
वायरल फीवर वाले मरीज के गले में खराश, बदन दर्द, बुखार, सिर दर्द, उल्टियां होना के लक्षण होते हैं। इसके अलावा डेंगू या मलेरिया भी बेमौसम वर्षा के कारण पैदा होता है। समस्याएं ज्यादातर बच्चों वृद्धों और एनीमिया की शिकार महिलाओं को जल्दी होता है।
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ऐसे करें बचाव
नारी के आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉ. नीरू शर्मा ने बताया कि सभी बीमारियों से बचने के लिए मुंह में मुलेठी रखें। इसके अलावा तुलसी, गिलोय तथा पपीते के पत्ते को साफ करके धोकर काढ़ा दिन में दो-तीन बार लें। इस काढ़े से ऐसे रोगियों को काफी लाभ होता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में वायरल फीवर के मामले बढ़ना शुरू हो गए हैं। मौसम बदलने के कारण इस प्रकार के मामलों में तेजी आई है। स्वास्थ्य विभाग ने वायरल फीवर और डेंगू से बचने के लिए कुछ दिनों पूर्व एड्वाइजरी भी जारी की है।
जिला के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में वायरल फीवर के मामले सामने आ रहे हैं। जिला में मौसम के बदले रुख के चलते इस प्रकार के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। इन दिनों वायरल बुखार खांसी जुकाम गले में खराबी बदन दर्द, सिर दर्द शरीर में अकड़न जैसे मामले अधिकतर सामने आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चलोला, राजकीय आयुर्वेदिक औषधालय नारी, धमांदरी, रायसंरी तथा तयूड़ी सहित विभिन्न अस्पतालों में मामले सामने आए हैं। इस संबंध में डॉ. आकांक्षा, डॉ. नीरू शर्मा, डॉ. नमिता तथा डॉ. हेमंत ने बताया के पिछले 15 दिनों में लगभग 15 से 20 प्रतिशत के बीच वायरल फीवर और बदलते मौसम के समय आ रही परेशानियों वाले मरीज बढ़े हैं। बताया कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है उन पर यह बीमारियों हमला करती हैं।
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यह है वायरल फीवर के लक्षण
वायरल फीवर वाले मरीज के गले में खराश, बदन दर्द, बुखार, सिर दर्द, उल्टियां होना के लक्षण होते हैं। इसके अलावा डेंगू या मलेरिया भी बेमौसम वर्षा के कारण पैदा होता है। समस्याएं ज्यादातर बच्चों वृद्धों और एनीमिया की शिकार महिलाओं को जल्दी होता है।
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ऐसे करें बचाव
नारी के आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉ. नीरू शर्मा ने बताया कि सभी बीमारियों से बचने के लिए मुंह में मुलेठी रखें। इसके अलावा तुलसी, गिलोय तथा पपीते के पत्ते को साफ करके धोकर काढ़ा दिन में दो-तीन बार लें। इस काढ़े से ऐसे रोगियों को काफी लाभ होता है।