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Una News: आयुष वेलनेस केंद्रों में मलेरिया और टायफाइड टेस्ट की शुरू नहीं हो पाई सुविधा

Thu, 17 Jul 2025 05:04 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jul 2025 05:04 PM IST
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Facility of malaria and typhoid testing could not be started in Ayush wellness centers
जांच किटों की कमी से मरीजों के समय और धन दोनों की हो रही हानि
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निजी लैब में महंगे टेस्ट, मरीजों को उपचार में भी हो रही देरी
विभाग की तरफ से केंद्रों में मुहैया नहीं हो पाई टेस्ट किटें
हिमोग्लोबिन और मधुमेह के टेस्ट की ही मिल पा रही सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के आयुष वेलनेस केंद्रों में अभी तक मलेरिया और टायफाइड की जांच की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। जबकि, इन टेस्ट को ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए उनके नजदीकी वेलनेस केंद्रों में किए जाने की योजना थी लेकिन विभाग की ओर से इन टेस्ट किटों की आपूर्ति नहीं की गई है, जिससे आम जन इन सुविधाओं से वंचित हैं। वर्तमान में जिले में लगभग 48 आयुष वेलनेस केंद्र संचालित हो रहे हैं। पिछले वर्ष आयुष विभाग ने हिमोग्लोबिन, मधुमेह, टायफाइड और मलेरिया की जांच सुविधाएं शुरू करने की योजना बनाई थी। इसके अंतर्गत हिमोग्लोबिन और मधुमेह की टेस्ट किटें तो केंद्रों में भेज दी गईं, लेकिन टायफाइड और मलेरिया की किटों की आपूर्ति अब तक लंबित है। जांच किटों की अनुपलब्धता के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को निजी अस्पतालों या लैब का रुख करना पड़ रहा है। कई बार दूरी अधिक होने के कारण मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। निजी लैब में टायफाइड टेस्ट के लिए औसतन 50 रुपये और मलेरिया टेस्ट के लिए 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। विभाग का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर यह जांचें कम दामों पर करवाई जाएंगी जिससे समय रहते इलाज भी शुरू किया जा सकेगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोग इससे लाभान्वित होंगे। विभाग की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही टेस्ट किटें उपलब्ध करवा दी जाएंगी, लेकिन धरातल पर अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है।


कोट्स
आयुष वेलनेस केंद्रों में वर्तमान में हिमोग्लोबिन व मधुमेह के टेस्ट तो हो रहे हैं। अन्य टेस्ट को शुरू करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। इस पर आगामी प्रक्रिया विभाग के स्तर पर ही तय होगी।
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— डॉ. किरण शर्मा, जिला आयुष अधिकारी, ऊना
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