फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   Electricity bills of primary school are pending for seven months

Una News: सात माह से लटके हैं प्राइमरी स्कूल के बिजली बिल

Sat, 06 Apr 2024 12:57 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 06 Apr 2024 12:57 AM IST
विज्ञापन
Electricity bills of primary school are pending for seven months
बिजली बोर्ड बार-बार थमा रहा बिजली कनेक्शन कटने के नोटिस
विज्ञापन

स्टाफ और अभिभावकों को सता रही गर्मियों में मासूम बच्चों की चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी, ऊना। जिले में लगभग 500 प्राथमिक पाठशालाएं कार्यरत हैं और वहां कक्षा नर्सरी से पांचवीं तक के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। एक तो प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। सरकार संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। जब बुनियादी जरूरतें ही सरकारी स्कूलों में पूरी नहीं हो रहीं तो कौन अभिभावक इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए भेजेंगे।
हैरानी की बात है कि बिजली का बिल प्राथमिक पाठशाला की ओर से खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ऑनलाइन बिजली विभाग में जमा करवाते रहे हैं, परंतु अक्टूबर 2023 से अप्रैल 2024 तक सात महीने से कोई भी बजट का अभी तक प्रावधान नहीं है। बिजली विभाग बार-बार स्कूलों में जाकर चेतावनी देता है। अब विभाग ने स्कूलों को कनेक्शन काटने के फरमान जारी कर दिए हैं। ऊपर से अप्रैल महीना गर्मी दिन प्रतिदिन जोर पकड़ रही है। इतनी गर्मी में उनके लिए बिना बिजली से पंखा कैसे चलेगा।
विज्ञापन

गगरेट दो की प्रधान सुनीता शर्मा का कहना है कि मेरे ब्लॉक में सभी के सभी स्कूल में बच्चे गर्मी के कारण ठीक ढंग से नहीं पढ़ पा रहे हैं और आए दिन बिजली विभाग अपनी टीमों को कनेक्शन काटने के लिए भेज रहा है। कई स्थानों पर कनेक्शन काट भी दिए गए हैं। कनेक्शन काटने के फरमान तो सभी स्कूलों को जारी कर दिए गए हैं। सुनीता शर्मा ने कहा कि ऐसे में स्कूलों में बच्चों को कौन अभिभावक भेजेगा और अध्यापक भी कैसे पढ़ाई करवा पाएंगे। गर्मी में बच्चे बेचैन भी हो जाते हैं। यदि किसी बच्चों को गर्मी के कारण कुछ हो जाता है तो उसका उत्तरदायित्व किसका होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्राथमिक शिक्षक संघ जिला ऊना के प्रधान राकेश शर्मा और महासचिव सतेंद्र मिन्हास का कहना है कि कार्यालय से बार-बार बजट के संबंध में पता किया जाता है, परंतु बजट का प्रावधान न होने के कारण स्कूलों में बच्चों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शासन और प्रशासन इस संबंध में कड़े कदम उठाएं, ताकि बच्चे ठीक ढंग से अपनी पढ़ाई कर सकें।
जिला शिक्षा उपनिदेशक प्राथमिक देवेंद्र चंदेल का कहना है समस्या ध्यान में है। शीघ्र ही संबंधित संस्थाओं को बजट जारी करके समस्या का समाधान हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed