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35160 हेक्टेयर गैर सिंचित भूमि में सूखे से सूख रही फसलें
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ऊना। सूखे की मार से किसान परेशान हैं। गैर सिंचित क्षेत्र बंगाणा और जोल में मक्की और सब्जियाें की फसल सूख चुकी है। अगर एक-दो दिन में बारिश नहीं हुई तो गैर सिंचित क्षेत्रों के किसानों को फसलों से हाथ धोना पड़ेगा।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में 43000 हेक्टेयर भूमि में से 35160 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा नहीं है। सिर्फ 7840 हेक्टेयर भूमि में ही सिंचाई होती है। गौरतलब है कि जिले में करीब 70 हजार परिवार खेतीबाड़ी करते हैं।
जिले ऊना में मुख्यतया मक्की, धान सहित सब्जियों में खीरा, करेला, टमाटर, घीया, कद्दू, रामतोरी, हरी मिर्च आदि अन्य फसलें लगाई गई है। बरसात में गैर सिंचित क्षेत्रों में इनका उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। इस बार सूखे के कारण गेहूं की भांति खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि जिले में शुक्रवार को बारिश होने के आसार है। जिला में मानसून 10 जुलाई के बाद पहुंच जाएगी। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। साथ किसानों की परेशानियां कम हो पाएगी।
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बारिश न होने से किसान चिंता में : डोगरा
कृषि उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि जिला ऊना के गैर सिंचित क्षेत्रों में बारिश न होने से फसलें सूखना शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सिंचित क्षेत्रों में भी भयंकर गर्मी के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश न होने से किसान चिंता में है।
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कृषि विभाग के अनुसार जिले में 43000 हेक्टेयर भूमि में से 35160 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा नहीं है। सिर्फ 7840 हेक्टेयर भूमि में ही सिंचाई होती है। गौरतलब है कि जिले में करीब 70 हजार परिवार खेतीबाड़ी करते हैं।
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जिले ऊना में मुख्यतया मक्की, धान सहित सब्जियों में खीरा, करेला, टमाटर, घीया, कद्दू, रामतोरी, हरी मिर्च आदि अन्य फसलें लगाई गई है। बरसात में गैर सिंचित क्षेत्रों में इनका उत्पादन सबसे ज्यादा होता है। इस बार सूखे के कारण गेहूं की भांति खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर है। मौसम विशेषज्ञ विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि जिले में शुक्रवार को बारिश होने के आसार है। जिला में मानसून 10 जुलाई के बाद पहुंच जाएगी। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। साथ किसानों की परेशानियां कम हो पाएगी।
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बारिश न होने से किसान चिंता में : डोगरा
कृषि उपनिदेशक डॉ. अतुल डोगरा ने कहा कि जिला ऊना के गैर सिंचित क्षेत्रों में बारिश न होने से फसलें सूखना शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि सिंचित क्षेत्रों में भी भयंकर गर्मी के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई करने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश न होने से किसान चिंता में है।