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Una News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर गुग्गा माड़ी लौटेंगे देव गुग्गा

Thu, 03 Sep 2026 11:35 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Thu, 03 Sep 2026 11:35 PM IST
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Deity Gugga will return to Gugga Madi on Shri Krishna Janmashtami.
संतोषगढ़ (ऊना)। सप्ताह भर लोगों के घर-घर जाकर दर्शन देने वाले गुग्गा जाहरवीर शुक्रवार को अपने निवास गुग्गा माड़ी वापस लौट जाएंगे। चार सितंबर को गुग्गा की फेरी का आखिरी दिन होगा और शनिवार को गुग्गा के भक्तजन गुग्गा माड़ियों में गुग्गा की पूजा-अर्चना कर रोट प्रसाद चढ़ाएंगे। गुग्गा नवमीं से ही प्रदेश के गांवों में छिंज मेलों की भी शुरुआत हो जाएगी।
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जिला के चकसराय गांव में वर्ष 1897 में बने मंदिर में भी भारी मेला लगेगा। पेखुबेला में बने खड़पे वाले गुग्गा मंदिर व बाबा बालक नाथ मंदिर, राजा भरथरी मंदिर मकरैड़, डंगोली एवं क्षेत्र के मंदिरों में भी गुग्गा नवमीं के मौके पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों के लिए तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। ऐसी मान्यता है कि गुग्गा देव की पूजा करने से सांपों से रक्षा होती है। गुग्गा देव की पूजा श्रावणी पूर्णिमा (रक्षा बंधन) वाले दिन से आरंभ हो जाती है तथा यह पूजा-पाठ नौ दिनों तक चलता है, इसलिए इसे गोगा नवमीं कहते हैं। माना जाता है कि रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों को जो रक्षासूत्र (राखी) बांधती हैं, वह गुग्गा नवमीं के दिन खोलकर गुग्गा देव को चढ़ाई जाती है। गुग्गा देव महाराज से संबंधित एक किंवदंती के अनुसार गुग्गा देव का जन्म नाथ संप्रदाय के योगी गोरक्षनाथ के आशीर्वाद से हुआ था। योगी गोरक्षनाथ ने ही इनकी माता बाछल को प्रसाद रूप में अभिमंत्रित गुग्गल दिया था। जिसके प्रभाव से महारानी बाछल से गुग्गा देव (जाहरवीर) का जन्म हुआ। भाद्रपद मास की नवमीं को गुग्गा देव (जाहरवीर) का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। जनश्रुतियों के मुताबिक ऊना जिला के चकसराय में अब जिस जगह गुग्गा का मंदिर है, वहां पर बग्गा नाम का एक बुजुर्ग रहा करता था। एक रात को स्वप्न में दर्शन देकर मंदिर का निर्माण करने को कहा। गुग्गा ने कहा कि सर्पदंश से पीड़ित जो कोई भी इस जगह सांस रहते आ जाएगा तो उसे विष का असर नहीं पड़ेगा। कहा जाता है कि इस जगह पर आज भी सर्पदंश से पीड़ित व्यक्ति का जहर गुग्गा की कृपा से तुरंत उतर जाता है और लोगों की समस्त मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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