फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Una News ›   पहाड़ों की आग से हजारों वन्य जीव हुए स्वाह

पहाड़ों की आग से हजारों वन्य जीव हुए स्वाह

Thu, 24 May 2018 10:50 PM IST
Updated Thu, 24 May 2018 10:50 PM IST
विज्ञापन
पहाड़ों की आग से हजारों वन्य जीव हुए स्वाह

अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

मैहतपुर (ऊना)।
जिला के इस सरहदी क्षेत्र की शिवालिक पहाड़ियां इन दिनों आग से लाल हो रहीं हैं जिसके चलते न केवल गर्मी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है बल्कि जगलों को भी भारी नुकसान हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पहाड़ों पर पिछले एक सप्ताह से हो रही आग से हजारों की तादाद में वन्य जीव स्वाह हो चुके हैं। पहाड़ों पर लगने वाली इस आग की मुख्य वजह सूखी घास को जलाने के लिए लगाई जानी वाली आग है जिससे आग भड़क जाती है जिस पर काबू पाना फिर मुश्किल है।

दूसरी सबसे बड़ी वजह पहाड़ों में लकड़ी तथा घास काटने जाने वाले लोगों का जलती बीड़ी-सिगरेट फेंकना बताया जा रहा है। इन दिनों शिवालिक पहाड़ियां आग से लाल होती है लेकिन आज तक कोई गौर नहीं किया गया जिससे कि वन संपदा को बचाया जा सके। जंगलों में आग के चलते अनेक वन्य जीव गांवों का रुख कर रहे हैं तो हजारों छोटे वन्य प्राणी इस आग में स्वाह हो जाते हैं।
विज्ञापन


पर्यावरण प्रेमी डॉ. सतवीर सिंह की मानें तो गर्मी का बढ़ता प्रकोप इन्हीं सब वजहों से हैं क्योंकि पहाड़ों में आग लग रही है। मुख्य मार्गों के किनारों पर पेड़ पौधे गायब हो गए हैं। कंकरीट के मकानों की तादाद धड़ल्ले से बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्र हों या शहरी, तालाबों को सूखाकर वहां खेल मैदान बनाए जा रहे हैं। वहीं क्षेत्र के शिवदत्त वशिष्ठ, समाजसेवी संजीव और राजीव सोनी, संजीव सचदेवा, प्रयास संस्था के अध्यक्ष प्रभात भट्टी ने कहा कि जंगलों तथा पहाड़ों पर आग लगने के पीछे शरारती तत्व हो सकते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


एसपी दिवाकर शर्मा ने कहा कि पहाड़ों और जंगलों के आसपास की पंचायतों को इस बारे में सचेत रहना चाहिए। जंगली क्षेत्रों को आग से बचाने के लिए बीड़ी-सिगरेट आदि न फेंकें।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed