मांगों लेकर भड़के श्रमिक और कार्यकर्ता
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मजदूर और कर्मचारी हितों की उपेक्षा को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल में ऊना जिला भी पीछे नहीं रहा। जिला मुख्यालय पर श्रम संघों की संयुक्त समन्वय समिति के संयोजक एवं इंटक के प्रदेश महासचिव कामरेड जगतराम शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस, मिड-डे-मील, मनरेगा, आशा वर्कर, परिवहन यूनियनों सहित अन्य संगठनों के बैनरों तले कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस अवसर पर समस्त यूनियनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय में रोष रैली निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रोष रैली एमसी पार्क से शुरू होकर रेड लाइट चौक से होते हुए मिनी सचिवालय पहुंचकर संपन्न हुई।
इस दौरान इंटक के प्रदेश महासचिव कामरेड जगत राम शर्मा और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र भेजा। कामरेड जगतराम शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जब से केंद्र की मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से देश का किसान, मजदूर और कर्मचारी सहित प्रत्येक वर्ग परेशान है। महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और श्रम कानूनों के बदलाव के कारण मजदूर वर्ग का शोषण हो रहा है। इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में विभिन्न संगठनों के मजदूरों का कम से कम 18 हजार न्यूनतम वेतन करने, ईपीएफ ईएसआई और कर्मचारी पेंशन के लिए किए जा रहे मजदूर विरोधी संशोधनों को निरस्त करने, ठेका प्रथा खत्म करने, आंगनबाड़ी वर्कर, हेल्पर्स, मिड-डे-मील और आशा वर्कर्स को सरकारी कर्मचारी घोषित करने तथा मजदूरों को पेंशन तथा सामाजिक सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। इस अवसर पर नरेश ठाकुर, शोभित गौतम, ईशान ओहरी, शिव रैणी, करनैल सिंह, रविंद्र जोशी, त्रिलोक सिंह, यशप्रीत गिल, ओम प्रकाश, कामरेड गुरनाम सिंह, ओपी दत्ता, सुरेंद्र कुमार, सुखपाल आदि मौजूद रहे।