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Una News: बिगड़े मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता, हल्की बूंदाबांदी और हवाएं बनी ग्रहण
Mon, 15 Apr 2024 12:58 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 15 Apr 2024 12:58 AM IST
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गगरेट क्षेत्र में पक्क कर तैयार गेंहु की फसल।संवाद
जिला में इस समय कटाई के लिए लगभग तैयार हो चुकी है गेहूं
किसानों ने कहा- खराब मौसम से हर वर्ष खराब होती है लाखों की फसल
जिला में 35000 हेक्टेयर जमीन पर बीजी जाती है गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक/बंगाणा (ऊना)। जिले में रविवार सुबह से खराब हुआ मौसम गेहूं की फसल के लिए किसी ग्रहण से कम नहीं है। खेतों में फसल लगभग पककर तैयार हो चुकी है। इस बीच बारिश होना फसल के लिए बेहद नुकसानदायक है। बंगाणा, दौलतपुर चौक और गगरेट क्षेत्र में तो कई गांवों में फसल की कटाई तक शुरू हो चुकी है। वहां खेतों में काटी गई फसल पर हल्की बारिश होने से फसल गीली हो चुकी है और अब उसे दोबारा सुखाना होगा। जानकारी के अनुसार जिले में गेहूं की कटाई 20 अप्रैल तक पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।
बीते कुछ दिन से बादल छाए रहने के चलते किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। रविवार सुबह हल्की बारिश होने के बाद किसानों को डर है कि कहीं तेज बारिश न हो जाए। अगर इस समय बारिश होती है तो किसानों की पकी हुई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। जिला में 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल उगाई जाती है, जिसमें से 70 प्रतिशत गैरसिंचित इलाकों में होती है।
ध्यान रहे कि क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी धूप तो कभी आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं और कहीं बूंदाबांदी भी हो रही है। इससे पहले मार्च के अंतिम दिनों में खराब हुए मौसम से भी खेतों में गेहूं की फसल गिर गई थी और तेज बारिश के साथ चली हवाओं ने फसल को तहस-नहस कर दिया था। हालांकि उसके बाद खिली धूप ने फसल की स्थिति में सुधार लाया, लेकिन अब दोबारा मौसम का खराब होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, क्योंकि तेज बारिश होने पर सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा। उधर, मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक कुछ स्थानों पर वर्षा और कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।
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कोट्स
जिले में बीते दिनों मौसम खराब होने से करीब 5000 हेक्टेयर जमीन पर फसल बर्बाद हुई थी। किसानों को राहत के लिए हमारी टीमें लगातार सक्रियता से कार्य कर रही हैं। हाल ही में खराब मौसम के कारण फसल को नुकसान की सूचना अभी नहीं है। हालांकि जिन इलाकों में कटाई शुरू है, वहां नुकसान संभावित है।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग
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किसानों ने कहा- खराब मौसम से हर वर्ष खराब होती है लाखों की फसल
जिला में 35000 हेक्टेयर जमीन पर बीजी जाती है गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
दौलतपुर चौक/बंगाणा (ऊना)। जिले में रविवार सुबह से खराब हुआ मौसम गेहूं की फसल के लिए किसी ग्रहण से कम नहीं है। खेतों में फसल लगभग पककर तैयार हो चुकी है। इस बीच बारिश होना फसल के लिए बेहद नुकसानदायक है। बंगाणा, दौलतपुर चौक और गगरेट क्षेत्र में तो कई गांवों में फसल की कटाई तक शुरू हो चुकी है। वहां खेतों में काटी गई फसल पर हल्की बारिश होने से फसल गीली हो चुकी है और अब उसे दोबारा सुखाना होगा। जानकारी के अनुसार जिले में गेहूं की कटाई 20 अप्रैल तक पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।
बीते कुछ दिन से बादल छाए रहने के चलते किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। रविवार सुबह हल्की बारिश होने के बाद किसानों को डर है कि कहीं तेज बारिश न हो जाए। अगर इस समय बारिश होती है तो किसानों की पकी हुई गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। जिला में 35000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की फसल उगाई जाती है, जिसमें से 70 प्रतिशत गैरसिंचित इलाकों में होती है।
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ध्यान रहे कि क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। कभी धूप तो कभी आसमान पर बादल मंडरा रहे हैं और कहीं बूंदाबांदी भी हो रही है। इससे पहले मार्च के अंतिम दिनों में खराब हुए मौसम से भी खेतों में गेहूं की फसल गिर गई थी और तेज बारिश के साथ चली हवाओं ने फसल को तहस-नहस कर दिया था। हालांकि उसके बाद खिली धूप ने फसल की स्थिति में सुधार लाया, लेकिन अब दोबारा मौसम का खराब होना किसानों के लिए चिंता का विषय बन चुका है, क्योंकि तेज बारिश होने पर सीधा असर फसल की पैदावार पर पड़ेगा। उधर, मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिन तक कुछ स्थानों पर वर्षा और कहीं बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है।
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जिले में बीते दिनों मौसम खराब होने से करीब 5000 हेक्टेयर जमीन पर फसल बर्बाद हुई थी। किसानों को राहत के लिए हमारी टीमें लगातार सक्रियता से कार्य कर रही हैं। हाल ही में खराब मौसम के कारण फसल को नुकसान की सूचना अभी नहीं है। हालांकि जिन इलाकों में कटाई शुरू है, वहां नुकसान संभावित है।
डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग