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Una News: गौरैया के सरंक्षण के लिए लगाए कृत्रिम घोंसले
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विश्व गौरैया दिवस पर क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर की विशेष पहल के तहत एक महिला अधिकारी गौरैया
विश्व गौरैया दिवस पर क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर की विशेष पहल
पेड़ों, भवनों और सुरक्षित स्थलों पर घोंसले लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। विश्व गौरैया दिवस पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर ने पर्यावरण में जीवों के संरक्षण के महत्व को समझाने के लिए एक सराहनीय पहल की। इस अवसर पर प्रयोगशाला के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुंदरनगर और आसपास के क्षेत्रों में गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले स्थापित किए। टीम ने उपयुक्त स्थानों का चयन कर पेड़ों, भवनों और सुरक्षित स्थलों पर घोंसले लगाए, ताकि गौरैया को सुरक्षित आवास मिल सके। साथ ही, पिछले वर्ष स्थापित घोंसलों का सर्वेक्षण भी किया गया, जिसमें कई घोंसलों के सफल उपयोग की पुष्टि हुई। प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी चमन लाल ठाकुर ने बताया कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घोंसले और जल-पात्र लगाकर इस पक्षी के संरक्षण में योगदान दें। इस मुहिम में वैज्ञानिक अधिकारी प्रोमिला शर्मा, कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रेनू बाला, बनिता ठाकुर, शबनम ठाकुर, पूजा शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
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पेड़ों, भवनों और सुरक्षित स्थलों पर घोंसले लगाए
संवाद न्यूज एजेंसी
सुंदरनगर (मंडी)। विश्व गौरैया दिवस पर हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय प्रयोगशाला सुंदरनगर ने पर्यावरण में जीवों के संरक्षण के महत्व को समझाने के लिए एक सराहनीय पहल की। इस अवसर पर प्रयोगशाला के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुंदरनगर और आसपास के क्षेत्रों में गौरैया के लिए कृत्रिम घोंसले स्थापित किए। टीम ने उपयुक्त स्थानों का चयन कर पेड़ों, भवनों और सुरक्षित स्थलों पर घोंसले लगाए, ताकि गौरैया को सुरक्षित आवास मिल सके। साथ ही, पिछले वर्ष स्थापित घोंसलों का सर्वेक्षण भी किया गया, जिसमें कई घोंसलों के सफल उपयोग की पुष्टि हुई। प्रभारी वैज्ञानिक अधिकारी चमन लाल ठाकुर ने बताया कि शहरीकरण और प्रदूषण के कारण गौरैया की संख्या में गिरावट आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घोंसले और जल-पात्र लगाकर इस पक्षी के संरक्षण में योगदान दें। इस मुहिम में वैज्ञानिक अधिकारी प्रोमिला शर्मा, कनिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रेनू बाला, बनिता ठाकुर, शबनम ठाकुर, पूजा शर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।