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शिक्षक के तबादले पर भड़के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला/ऊना
Updated Fri, 15 Jul 2016 10:54 PM IST
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शिक्षक के तबादले के विरोध में उतरे ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
राजकीय प्राइमरी स्कूल समूर में एक शिक्षक के तबादले को लेकर अभिभावक और स्कूल प्रबंधन भड़क उठे हैं। शुक्रवार को ग्रामीणों को जैसे ही अध्यापक के तबादले की जानकारी मिली तो समूर कलां की पंचायत, एसएमसी और अभिभावकों ने स्कूल परिसर में एकत्रित हो तबादले का विरोध जताया। ग्रामीणों ने जहां नारेबाजी कर शिक्षा विभाग और सरकार को कोसा, वहीं अध्यापक के तबादले को राजनीतिक षड्यंत्र बताया। अध्यापक राजीव बेदी के पक्ष में उतरे ग्रामीणों ने कहा कि चंद वर्षों में राजीव बेदी और अन्य अध्यापकों ने स्कूल को मिलकर संवारा है और सरकारी स्कूल में निजी स्कूल जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई हैं।
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बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा भी प्रदान की जा रही है। बच्चों को बाकायदा विशेष यूनिफॉर्म भी लगवाई गई है। स्कूल की गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को देखते हुए क्षेत्र के आधा दर्जन गांव के बच्चे इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने पहुंच रहे हैं। पंचायत प्रधान रीता रानी, एसएमसी प्रधान सुरेंद्र कुमार, एसएमसी वाइस प्रधान जसविंद्र, पूर्व प्रधान मनोहर लाल, पूर्व उपप्रधान ज्ञान चंद, पूर्व एसएमसी प्रधान राजिंद्र कुमार ने कहा कि स्कूल में नर्सरी, यूकेजी और एलकेजी की कक्षाएं भी चलाई जा रही हैं, जो एक सराहनीय प्रयास है। स्कूल में इस समय सेंटर हेड टीचर के अलावा 3 जेबीटी अध्यापक सेवाएं दे रहे हैं।
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वहीं, एसएमसी ने बच्चों की बढ़ती संख्या को देखकर दो शिक्षकों को अपने स्तर पर भी तैनात किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षक का तबादला रद्द न हुआ तो स्कूल में तालाबंदी कर दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। ग्रामीणों ने कहा कि जहां एक अध्यापक स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए जी-जान एक कर रहा है, वहीं कुछ राजनेताओं को यह भी रास नहीं आ रहा है और निजी स्कूलों के हाथों की कठपुतली बन तबादले पर उतारू हो गए हैं। इस अवसर पर रविंद्र कुमार, नरेंद्र, मीना कुमारी, तारो देवी, सुनीता देवी, रीना कुमारी, कांता देवी, देवकी, तिलक राज, तीर्थ राम, रौशनी देवी, यशपाल, कर्ण सिंह, कुलविंद्र, राज कुमारी, प्रवीण कुमार, चरणजीत, गुलजारा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
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