{"_id":"6a84aff24f44f49b95010b89","slug":"35000-devotees-paid-obeisance-at-chintpurni-temple-una-news-c-93-1-una1026-202809-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: चिंतपूर्णी मंदिर में 35 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: चिंतपूर्णी मंदिर में 35 हजार श्रद्धालुओं ने नवाया शीश
Wed, 19 Aug 2026 12:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 19 Aug 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
माता चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार करते हुए श्रद्धालु। संवाद
चिंतपूर्णी (ऊना)। माता चिंतपूर्णी मंदिर में चल रहे श्रावण अष्टमी मेले के छठे दिन 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर माता के मंदिर में हाजिरी लगाई और परिवार की सुख शांति की कामना की। मंगलवार को काफी संख्या में प्रदेश सहित पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से श्रद्धालु माता चिंतपूर्णी के दरबार में पहुचे। श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट रात 12:30 बजे ही खोल दिए गए थे।
मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया और दोपहर तक काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। दिनभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध तरीके से माता रानी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की डबल लाइनें पुराना बस स्टैंड से होटल संतोष के आसपास रहीं। इस दौरान श्रद्धालु जय माता चिंतपूर्णी के जयकारे लगाकर दर्शन को आगे बढ़ते गए। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में दो से चार घंटों तक का समय लगा। इसी कड़ी में माता चिंतपूर्णी मंदिर में पंजाब का एक श्रद्धालु दोनों हाथों में माता की ज्योति जलाकर घुटनों के बल चल कर दरबार पहुंचा। श्रद्धालु की आस्था देखकर हर कोई हैरान हो रहा था। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि मंगलवार को मेले के छठे दिन 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालु भक्तिभाव से माता चिंतपूर्णी जी के जयकारे लगाते हुए भेंटे गाते हुए मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर में खूब रौनक है।
विज्ञापन
मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया और दोपहर तक काफी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। दिनभर श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध तरीके से माता रानी के दर्शन किए। श्रद्धालुओं की डबल लाइनें पुराना बस स्टैंड से होटल संतोष के आसपास रहीं। इस दौरान श्रद्धालु जय माता चिंतपूर्णी के जयकारे लगाकर दर्शन को आगे बढ़ते गए। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में दो से चार घंटों तक का समय लगा। इसी कड़ी में माता चिंतपूर्णी मंदिर में पंजाब का एक श्रद्धालु दोनों हाथों में माता की ज्योति जलाकर घुटनों के बल चल कर दरबार पहुंचा। श्रद्धालु की आस्था देखकर हर कोई हैरान हो रहा था। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि मंगलवार को मेले के छठे दिन 35 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माथा टेका। श्रद्धालु भक्तिभाव से माता चिंतपूर्णी जी के जयकारे लगाते हुए भेंटे गाते हुए मंदिर पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर में खूब रौनक है।

माता चिंतपूर्णी के दर्शन के लिए कतार में खड़े होकर इंतजार करते हुए श्रद्धालु। संवाद
विज्ञापन