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गंदा पानी फेंकने के लिए देनी पड़ रहे पैसे

Sun, 02 Dec 2018 09:59 PM IST
Updated Sun, 02 Dec 2018 09:59 PM IST
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गंदा पानी फेंकने के लिए देनी पड़ रहे पैसे
वार्ड में गंदी नाली दिखाते लाेग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे

एसडी शर्मा

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मैहतपुर (ऊना)। शायद आप कल्पना नहीं कर सकते कि जिन लोगों को अपने घरों का गंदा पानी खेतों में फेंकने के लिए रुपये चुकते करने पड़ते हों, उनके हालात क्या होंगे। वे किस तरह से अपने दिन गुजार रहे हैं और किन हालात में रहने के लिए मजबूर हैं। ऐसी बदहाली नगर परिषद मैहतपुर-बसदेहड़ा के वार्ड सात में रतन भारद्वाज मोहल्ला के लोगों की है।


वार्ड सात के इन बाशिंदों की समस्या का पुख्ता हल करवाने में आज दिन तक किसी ने संजीदगी नहीं दिखाई। संकरी सी गलियों से होते हुए जब ‘अमर उजाला’ की टीम सोमा देवी पत्नी कमलदेव के घर पहुंची तो देखा कि उनके घर के गंदे पानी की निकासी का कोई बंदोबस्त नहीं है। घर के बाहर ही गंदा पानी एकत्र होता है। बरसात में तो गंदा पानी घर के अंदर तक घुस जाता है। करीब 20 साल से समस्या का पुख्ता हल ढूंढते हुए परिवार के मुखिया कमल देव की बीते साल मौत भी हो गई, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ।

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वार्ड के चमन लाल का परिवार भी इस गंभीर समस्या से जूझ रहा है। किराये के मकान में रह रही वीना बत्तरा नगर परिषद समेत सियासी दलों से खासी नाराज हैं। वीना बत्तरा के मुताबिक उन्हें तथा अन्य कई किराएदारों को बाथरूप से लेकर रसोई तक के गंदे पानी को पास के खेत में फेंकने के लिए खेत मालिक को पैसे देपे पड़ते हैं। तनिक सोचिए कहीं खेत मालिक इन्हें गंदा पानी खेत में न फेंकने दे तो इनकी क्या दशा होगी। वार्ड में सीवरेज की लाइन बिछाए भी एक अरसा बीत गया, लेकिन कनेक्शन आज तक नहीं दिए गए सफाई बंदोबस्त भी ठीक नहीं है। कई घरों को तो आने-जाने के लिए पर्याप्त रास्ता तक नहीं है। लोगों का कहना है कि नगर परिषद पक्की गलियों को दो-दो बार बना रही है लेकिन जो रास्ते कच्चे हैं, उन्हें बनाने की ओर कोई गौर नहीं हो रहा।

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चुनाव के बाद कोई नहीं पूछता : सोमा देवी
सोमा देवी ने कहा कि चुनाव के दिनों में सब आकर समस्या हल करवाने का भरोसा दे जाते हैं लेकिन मुड़कर कोई नहीं पूछता। चुनाव में एक नेता की पत्नी ने तो पांच मिनट में समस्या हल करवाने का भरोसा दिलाया था। फिर नहीं आई।


नप समस्या को लेकर गंभीर नहीं : सौरभ
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नगर परिषद चाहे तो पानी निकासी का स्थायी समाधान हो सकता है। कोई भी लोगों की समस्या को गंभीरता से नहीं लेता। हर चुना हुआ नुमाइंदा अथवा पदाधिकारी टाइम पास कर रहा है।


गंदे पानी से बीमारियों का अंदेशा : अजय
अजय कुमार ने कहा कि यह कोई कश्मीर समस्या थोडे़ न है, अगर चुने हुए लोग चाहें तो लोगों की इस समस्या को हल करवाया जा सकता है। गंदे पानी की वजह से लोगों को बीमारियां फैलने का अंदेशा है।


लोग दयनीय हालत में जीने को मजबूर: वीना
वीना बत्तरा ने तलख अंदाज में कहा कि हम बड़ी दयनीय स्थिति में जीने के लिए मजबूर हैं। कोई हमारी समस्या को सुनता ही नहीं है। वोट लेने के लिए जरूर आ जाते हैं, समस्या हल करवाने को कोई नहीं आता।


वार्ड के कई लोग हल नहीं होने दे रहे समस्या: मंजू
नगर परिषद अध्यक्ष मंजू चंदेल ने कहा कि वार्ड सात में गंदे पानी की निकासी का मसला हल हो सकता है लेकिन वार्ड के ही कुछ लोग समस्या हल नहीं होने दे रहे हैं। मसले के हल के लिए सामूहिक तौर पर प्रयास करने होंगे। इसके लिए नगर परिषद प्रयासरत है।

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