{"_id":"5b0812b54f1c1b8d6e8b4958","slug":"11527255733-una-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में जर्जर भवनों से लोगों को खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में जर्जर भवनों से लोगों को खतरा
Updated Fri, 25 May 2018 07:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जर्जर भवनों से लोगों को खतरा
शहर में हालत दयनीय, खौफ के साए में लोग
खंडहरों की छतों पर उग आए हैं पेड़-पौधे
लोगों की सुरक्षा को संजीदा नहीं नगर परिषद
रिहायशी भवनों के लिए भी खतरा बने खंहडर
भूतहा बंगलों में तबदील हो गए कई भवन
विवेक कुमार शर्मा
ऊना।
नगर परिषद के कई वार्डों में दर्जनों भवन जर्जर हो चुके हैं। इन भवनों की हालत ऐसी है कि कभी भी ये ताश के पत्तों की तरह ढेर हो सकते हैं। भूकंप का हल्का सा झटका भी ऊना शहर के लिए घातक हो सकता है। लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर है। खंडहर हो चुके भवनों की छतों पर पेड़-पौधे उग आए है और दीवारें गिरने की कगार पर है। 80 से 100 वर्षों से ज्यादा पुराने भवन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। लेकिन, प्रशासन और नप इन जर्जर भवनों को लेकर अभी तक संजीदा नहीं दिख रहे हैं। नगर परिषद में पिछले कई वर्षों से भवन गिराने की प्रक्रिया लटकी हुई है। कई वर्षों से खाली चल रहे इन भवनों की सूरत अब भूत बगलों की तरह हो गई है। लंबे समय से इन भवनों में कोई नहीं रह रहा है। खंडहर हो चुके भवनों को गिराने के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है। शहर के वार्ड पांच, छह, ग्यारह, दो और आठ में सबसे ज्यादा जर्जर असुरक्षित भवन हैं। जो रिहायशी भवनों के लिए भी खतरा हैं। बरसाती पानी से जर्जर भवनों की दीवारें फूल गई हैं। भवन कभी भी ढह सकते हैं। स्थानीय लोग लंबे अरसे भवनों को गिराने की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ने कोई उचित कदम नहीं उठाए हैं।
वार्ड-5 में पुरानी हवेली बनी खतरा
लोगों ने प्रशासन को सौंपी शिकायत
ऊना। नगर परिषद के वार्ड नंबर-5 स्थित पौड़ियों वाला बाजार की मुख्य गली के साथ बनी पुरानी हवेली लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। इसकी हालत काफी दयनीय है। जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए है। वार्ड के लोगों ने पुरानी हवेली गिराने के लिए कई बार नगर परिषद को समस्या के बारे में शिकायत पत्र सौंपे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं शुक्रवार को वार्ड के लोगों ने एसडीएम विनय मोदी को शिकायत सौंपी है। लोगों में सुरेंद्र सिंह, प्रिंस कुमार, अमनदीप कौर, नरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, दर्शन सिंह, कृष्णा देवी, सुरेश कुमारी, सुखदेव, यशविंद्र सिंह, नवीन कुमार, जगतार सिंह, राजेश, ललित ने कहा कि वार्ड में वर्षों पुरानी हवेली की हालत काफी जर्जर है। भवन के पास हर वक्त गुजरते है जिससे भी अनहोनी हो सकती है। लोगों ने भवन ने नगर परिषद एवं प्रशासन से भवन गिराने को लेकर मांग उठाई है।
भेजें जाएंगे नोटिस : जेई
नगर परिषद के जेई राजेंद्र सैणी का कहना है कि जर्जर भवनों को लेकर नगर परिषद संजीदा है। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों को चिह्नित कर लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लोगों की मिली है शिकायत : एसडीएम
एसडीएम विनय मोदी ने कहा कि नगर परिषद के वार्ड-5 के लोगों ने अनसेफ भवन की शिकायत सौंपी है। इसका राजस्व विभाग एवं लोनिवि के अधिकारियों से मुआयना करवाया जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
शहर में हालत दयनीय, खौफ के साए में लोग
खंडहरों की छतों पर उग आए हैं पेड़-पौधे
लोगों की सुरक्षा को संजीदा नहीं नगर परिषद
रिहायशी भवनों के लिए भी खतरा बने खंहडर
भूतहा बंगलों में तबदील हो गए कई भवन
विवेक कुमार शर्मा
ऊना।
नगर परिषद के कई वार्डों में दर्जनों भवन जर्जर हो चुके हैं। इन भवनों की हालत ऐसी है कि कभी भी ये ताश के पत्तों की तरह ढेर हो सकते हैं। भूकंप का हल्का सा झटका भी ऊना शहर के लिए घातक हो सकता है। लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर है। खंडहर हो चुके भवनों की छतों पर पेड़-पौधे उग आए है और दीवारें गिरने की कगार पर है। 80 से 100 वर्षों से ज्यादा पुराने भवन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। लेकिन, प्रशासन और नप इन जर्जर भवनों को लेकर अभी तक संजीदा नहीं दिख रहे हैं। नगर परिषद में पिछले कई वर्षों से भवन गिराने की प्रक्रिया लटकी हुई है। कई वर्षों से खाली चल रहे इन भवनों की सूरत अब भूत बगलों की तरह हो गई है। लंबे समय से इन भवनों में कोई नहीं रह रहा है। खंडहर हो चुके भवनों को गिराने के लिए कोई योजना तैयार नहीं की गई है। शहर के वार्ड पांच, छह, ग्यारह, दो और आठ में सबसे ज्यादा जर्जर असुरक्षित भवन हैं। जो रिहायशी भवनों के लिए भी खतरा हैं। बरसाती पानी से जर्जर भवनों की दीवारें फूल गई हैं। भवन कभी भी ढह सकते हैं। स्थानीय लोग लंबे अरसे भवनों को गिराने की मांग कर रहे हैं लेकिन प्रशासन ने कोई उचित कदम नहीं उठाए हैं।
वार्ड-5 में पुरानी हवेली बनी खतरा
लोगों ने प्रशासन को सौंपी शिकायत
ऊना। नगर परिषद के वार्ड नंबर-5 स्थित पौड़ियों वाला बाजार की मुख्य गली के साथ बनी पुरानी हवेली लोगों के लिए खतरा बनी हुई है। इसकी हालत काफी दयनीय है। जहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए है। वार्ड के लोगों ने पुरानी हवेली गिराने के लिए कई बार नगर परिषद को समस्या के बारे में शिकायत पत्र सौंपे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई। वहीं शुक्रवार को वार्ड के लोगों ने एसडीएम विनय मोदी को शिकायत सौंपी है। लोगों में सुरेंद्र सिंह, प्रिंस कुमार, अमनदीप कौर, नरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, दर्शन सिंह, कृष्णा देवी, सुरेश कुमारी, सुखदेव, यशविंद्र सिंह, नवीन कुमार, जगतार सिंह, राजेश, ललित ने कहा कि वार्ड में वर्षों पुरानी हवेली की हालत काफी जर्जर है। भवन के पास हर वक्त गुजरते है जिससे भी अनहोनी हो सकती है। लोगों ने भवन ने नगर परिषद एवं प्रशासन से भवन गिराने को लेकर मांग उठाई है।
विज्ञापन
भेजें जाएंगे नोटिस : जेई
नगर परिषद के जेई राजेंद्र सैणी का कहना है कि जर्जर भवनों को लेकर नगर परिषद संजीदा है। उन्होंने कहा कि जर्जर भवनों को चिह्नित कर लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लोगों की मिली है शिकायत : एसडीएम
एसडीएम विनय मोदी ने कहा कि नगर परिषद के वार्ड-5 के लोगों ने अनसेफ भवन की शिकायत सौंपी है। इसका राजस्व विभाग एवं लोनिवि के अधिकारियों से मुआयना करवाया जाएगा। इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।