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गर्भवती को पहले किया पीजीआई रेफर, बाद में मंत्री के फोन पर हुआ सुरक्षित प्रसव
Updated Sat, 15 Jul 2017 10:35 PM IST
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ऊना। सुर्खियों में रहने वाला जिला अस्पताल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामला देर रात उस समय ऊना अस्पताल में पेश आया, जब प्रसव के लिए पहुंची एक महिला को गंभीर हालत में चिकित्सकों ने पीजीआई रेफर कर दिया। मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने जब उद्योग मंत्री से की तो उद्योग मंत्री खुद ही ऊना अस्पताल पहुंच गए। उद्योग मंत्री ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को भी मौके पर भेजा। अस्पताल प्रशासन की पोल उस समय खुल गई जब रेफर की हुई महिला का सुरक्षित प्रसव करवाया गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर रात हरोली उपमंडल के समनाल गांव की गर्भवती महिला अनीता देवी शुक्रवार सुबह ऊना अस्पताल में भर्ती हुई। रात को उसे प्रसव पीड़ा होने लगी, तब न तो अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ और न ही एनेस्थीसिया के डॉक्टर थे। इस पर अनीता को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाने लगा। इससे गर्भवती महिला के साथ आए तमीरदार चिंतित हो गए। इस बीच रात को लगभग 12 बजे महिला के पति सतनाम सिंह ने उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री के मोबाइल पर फोन किया। इस बीच उन्होंने मंत्री को मामले से अवगत करवाया। इसके उपरांत मंत्री ने डीसी विकास लाबरू को सूचित किया और सीएमओ को भी गर्भवती महिला की मदद करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। रात को ही एडीएम सुखदेव सिंह और एसडीएम पृथीपाल सिंह अस्पताल पहुंचे। इतने में मंत्री भी अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद गायनी स्पेशलिस्ट डॉ. राजन आंगरा को घर से बुलाया गया। देर रात को गायनी स्पेशलिस्ट गर्भवती महिला के ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे। नंगल (पंजाब) में एनेस्थीसिया के डॉक्टर को फोन किया गया। देर रात डॉ. अशोक बडियाल अस्पताल पहुंचे। इसके बाद अनीता का सफल ऑपरेशन हुआ और उसने एक बेटी को जन्म दिया। रात को करीब दो बजे अग्निहोत्री अस्पताल से वापस अपने घर के लिए रवाना हुए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में दो स्त्री रोग विशेषज्ञ अपनी सेवाएं दे रहे हैं लेकिन इसके बावजूद गर्भवती महिलाओं को बेहतर उपचार नहीं मिल रहा है। आए दिन अस्पताल में कोई न कोई बवाल होता रहता है।
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