फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Trend of planting Japanese fruit orchards increased in Himachal one lakh plants sold for the first time

Persimmon Fruit: सेब राज्य हिमाचल में जापानी फल के बगीचे लगाने में बढ़ा रुझान, पहली बार बिके एक लाख पौधे

Fri, 17 Jan 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: अंकेश डोगरा Updated Fri, 17 Jan 2025 05:00 AM IST
सार

हिमाचल में जापानी फल के नए बगीचे लगाने के लिए बागवान इस साल खासा उत्साह दिखा रहे हैं। पहली बार जापानी फल (परसीमन) के करीब एक लाख पौधे बिक चुके हैं।

विज्ञापन
Trend of planting Japanese fruit orchards increased in Himachal one lakh plants sold for the first time
जापानी फल। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

सेब राज्य हिमाचल में अब बागवान जापानी फल के बगीचे भी लगाने लगे हैं। जापानी फल के नए बगीचे लगाने के लिए बागवान इस साल खासा उत्साह दिखा रहे हैं। पहली बार जापानी फल (परसीमन) के करीब एक लाख पौधे बिक चुके हैं। बागवानी विभाग और पंजीकृत नर्सरियों से इस सीजन में अब तक जापानी फल के करीब एक लाख पौधे बिक चुके हैं। पहली बार कुल्लू जिला के अलावा शिमला, मंडी, सिरमौर और सोलन जिला में भी बागवान जापानी फल के बगीचे लगा रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार अच्छी बारिश-बर्फबारी से जापानी फल के 90 फीसदी पौधों के कामयाब होने की संभावना है। सामान्यत: कुल रोपे गए पौधों के 20 से 30 फीसदी पौधे ही जीवित बचते हैं। फरवरी के पूरे महीने में नए पौधे लगाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

विज्ञापन

बागवानी विभाग और पंजीकृत नर्सरियों ने बागवानों को 120 रुपये की दर से जापानी फल का पौधा उपलब्ध करवाया है। पौधा लगाने के लिए गड्ढा तैयार करने का औसत रेट 50 रुपये हैं। गड्ढे में गोबर और खाद का खर्चा मिलाकर एक पौधा लगाने पर कुल खर्चा 180 से 200 रुपये आता है। इस तरह अब तक प्रदेश के बागवान करीब दो करोड़ रुपये जापानी फल के बगीचे तैयार करने पर खर्च कर चुके हैं। प्रदेश में सेब के बाद बागवान जापानी फल को नकदी फसल के रूप में अपना रहे हैं। जापानी फल की नई किस्मों की बाजार में अच्छी मांग है।

प्रदेश में अब तक कुल्लू जिला जापानी फल का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन इस साल अन्य जिलों में भी बहुतायत में बागवान नए बगीचे लगा रहे हैं। आजादपुर फल मंडी दिल्ली की जयंत फ्रूट कंपनी के संचालक जयंत सोलंकी का कहना है कि जापानी फल की नई किस्में सीजन के दौरान 150 से 200 रुपये प्रतिकिलो तक बिक रही हैं। हिमाचल के जापानी फल की गुणवत्ता सबसे बेहतर है। कुल्लू के अलावा अन्य जिलों से भी जापानी फल आना शुरू हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

हिमाचल में इस साल जापानी फल के बगीचे लगाने के लिए बागवान अधिक उत्साह दिखा रहे हैं। अब तक करीब एक लाख पौधे बिक चुके हैं, आगे भी अगले एक महीने तक पौधे लगाए जा सकते हैं। नए पौधे लगाने के लिए इस बार मौसम अनुकूल बना हुआ है। अच्छी बारिश और बर्फबारी से उम्मीद है 90 फीसदी तक पौधे कामयाब होंगे।- डॉ. कुशाल सिंह मेहता, विषय विशेषज्ञ उद्यान विभाग
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed