{"_id":"6749db812a223e6c740089bc","slug":"state-government-presented-the-report-on-parole-in-himachal-high-court-2024-11-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"HP High Court: एक साल में 441 आवेदन आए, 294 को मिली पैरोल; HC में प्रदेश सरकार ने पैरोल पर पेश की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HP High Court: एक साल में 441 आवेदन आए, 294 को मिली पैरोल; HC में प्रदेश सरकार ने पैरोल पर पेश की रिपोर्ट
Fri, 29 Nov 2024 08:49 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Fri, 29 Nov 2024 08:49 PM IST
सार
हिमाचल सरकार ने शुक्रवार को अदालत में कैदियों के पैरोल पर अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। कुल आवेदन में से 277 नियमित आवेदनों को अनुमति दी गई। 17 आपातकालीन पैरोल दी गई। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को अदालत में कैदियों के पैरोल पर अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में बताया गया कि 1 सितंबर 2023 से 31 अगस्त 2024 के बीच जेल में बंद कैदियों की ओर से पैरोल के लिए 415 नियमित आवेदन आए थे। 26 आपातकालीन पैरोल आवेदन प्राप्त हुए। कुल आवेदन में से 277 नियमित आवेदनों को अनुमति दी गई। 17 आपातकालीन पैरोल दी गई। इस समय के बीच जेल प्राधिकरण की ओर से 72 आवेदनों को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद कैदियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
विज्ञापन
न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश राकेश कैंथला की खंडपीठ ने 20 नवंबर को सरकार को प्रदेश में पैरोल पर कैदियों की स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट दायर करने के आदेश दिए थे। अदालत ने यह आदेश हाईकोर्ट में पैरोल पर याचिकाओं की बढ़ रही संख्या पर दिए थे। अदालत ने कहा कि अगर ऐसी प्रथा जारी रही तो उच्च न्यायालय पैरोल देने वाला फोरम और न्यायालय बन जाएगा। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा था कि जमानत व्यक्ति का अधिकार है और नियमों के तहत ही कैदी पैरोल के लिए आवेदन करते हैं।
विज्ञापन
याचिका में आरोप लगाए गए हैं कि जेल अधीक्षक को पैरोल के आवेदन आने के 24 घंटे के बाद इसे डीसी को सूचित करना पड़ता है। डीसी इसे एसपी को भेजते हैं। एसपी इसे 1 हफ्ते के अंदर डीजीपी जेल को भेजते हैं। डीजीपी को 3 दिनों के अंदर इस आवेदन पर कार्रवाई करनी होती है, लेकिन आवेदन पर अधिकारियों की ओर से देरी की जा रही है। इसकी वजह से आवेदन पर महीनों तक कोई निर्णय नहीं लिया जाता।
विज्ञापन