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अब सौर ऊर्जा राज्य बनेगा हिमाचल
रोहित नागपाल/शिमला
Updated Mon, 27 May 2013 12:36 PM IST
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जलविद्युत में विशेषज्ञता हासिल करने वाले हिमाचल ने अब सौर ऊर्जा की ओर भी कदम बढ़ाने का फैसला लिया है। भारत सरकार की योजनाओं का लाभ लेने के लिए हिमाचल पहली बार सोलर पावर पॉलिसी बनाने जा रहा है।
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इसका प्रारूप ऊर्जा निदेशालय और हिम ऊर्जा ने मिलकर बनाया है। इसे अब मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा। पॉलिसी के लागू होते ही इस सेक्टर में भी निवेशकों को इन्सेंटिव दिए जाएंगे। हालांकि, सौर ऊर्जा की उत्पादन लागत हाइड्रो से ज्यादा है।
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पॉलिसी तैयार करने से पहले हिम ऊर्जा ने सौर ऊर्जा की राज्य में संभावनाओं पर सर्वे भी किया है। ऐसे प्रोजेक्टों के लिए सिरमौर, ऊना और सोलन जिला के नालागढ़ क्षेत्र में पर्याप्त भूमि है।
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नई पॉलिसी में यह प्रावधान होगा कि हिमाचल में सौर ऊर्जा का प्रोजेक्ट लगाने पर सरकारी क्षेत्र को 90 फीसदी तो निजी निवेशकों को 30 फीसदी सब्सिडी मिलेगी।
सौर ऊर्जा के एक मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए कम से कम दो एकड़ भूमि की आवश्यकता रहती है। राज्य सरकार ने भी इस क्षेत्र में उत्पादन को शुरू करने के लिए प्रोत्साहन के लिए नई स्कीमें प्रस्तावित की हैं। प्रोजेक्ट लगाने के लिए यदि कोई निवेशक सरकार से लीज पर जमीन लेता है तो लीज मनी में भी छूट दी जा सकती है।
भूमि खरीदने पर स्टांप ड्यूटी पर 50 फीसदी छूट देने का प्रस्ताव तैयार किया है। हिम ऊर्जा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि सोलर पावर पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार है। इस पर अब मंत्रिमंडल को फैसला लेना है।
एचपीएसईबी खरीदेगा सोलर बिजली
सौर ऊर्जा के प्रोजेक्टों से उत्पादित विद्युत बिजली बोर्ड यानी एचपीएसईबी लिमिटेड कंपनी खरीदेगी। इन प्रोजेक्टों से उत्पादित बिजली की लागत लगभग 6 रुपये प्रति यूनिट पड़ेगी। यह हालांकि जल विद्युत से भले ही महंगी है, लेकिन इससे हिमाचल की बिजली उत्पादन क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जा सकेगा।