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Solan News: बीबीएन क्षेत्र में गेहूं की फसल में लगा तेला रोग
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कई स्थानों पर गेहूं के पत्तों में दिखाई दिए लक्षण
विशेषज्ञ बोले इमिडाक्लोप्रीड का करें छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में गेहूं की फसल पर तेला रोग लग गया है। कई गांवों में फसल में इसके लक्षण देखने को मिले हैं। मैदानी क्षेत्र में दिन का तापमान अधिक और रात के कम होने से यह रोग लगा है, जिससे गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। बीबीएन के मंझोली, खेड़ा, डूमनवाला, नंदपुर, लोदी माजरा, बवनीरपुर, बरूणा समेत दर्जनों स्थानों पर गेहूं की फसल में तेला रोग के लक्षण दिखाई दिए हैं। यह रोग के गेहूं के पत्तों का रस चूस लेता है, जिससे पत्ते पीले पड़ने शुरू हो जाते हैं। इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ता है। बीबीएन में इस बार 11000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं लगाई गई है। डूमनवाला के किसान अमरचंद, नंदपुर के किसान सौढी राम, नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, बरूणा से विनोद ठाकुर, दभोटा से सुरमुख सिंह ने बताया कि इन दिनों गेहूं की फसल तेला रोग की चपेट में आ गई है।
कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि गेहूं में तेला लगने की सूचना मिली है। किसान इमिडाक्लोप्रीड एक एमएल प्रीत लीटर में घोल कर फसल पर छिड़काव करें, जिससे इस रोग से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि दवाई का छिड़काव करने के बाद तेला का प्रकोप कम हो जाता है।
ओमपाल सिंह
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विशेषज्ञ बोले इमिडाक्लोप्रीड का करें छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। बीबीएन में गेहूं की फसल पर तेला रोग लग गया है। कई गांवों में फसल में इसके लक्षण देखने को मिले हैं। मैदानी क्षेत्र में दिन का तापमान अधिक और रात के कम होने से यह रोग लगा है, जिससे गेहूं की पैदावार पर असर पड़ेगा। बीबीएन के मंझोली, खेड़ा, डूमनवाला, नंदपुर, लोदी माजरा, बवनीरपुर, बरूणा समेत दर्जनों स्थानों पर गेहूं की फसल में तेला रोग के लक्षण दिखाई दिए हैं। यह रोग के गेहूं के पत्तों का रस चूस लेता है, जिससे पत्ते पीले पड़ने शुरू हो जाते हैं। इसका सीधा असर गेहूं की पैदावार पर पड़ता है। बीबीएन में इस बार 11000 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं लगाई गई है। डूमनवाला के किसान अमरचंद, नंदपुर के किसान सौढी राम, नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, बरूणा से विनोद ठाकुर, दभोटा से सुरमुख सिंह ने बताया कि इन दिनों गेहूं की फसल तेला रोग की चपेट में आ गई है।
कृषि विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. प्रेम ठाकुर ने बताया कि गेहूं में तेला लगने की सूचना मिली है। किसान इमिडाक्लोप्रीड एक एमएल प्रीत लीटर में घोल कर फसल पर छिड़काव करें, जिससे इस रोग से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि दवाई का छिड़काव करने के बाद तेला का प्रकोप कम हो जाता है।
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ओमपाल सिंह