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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   The message of selfless devotion conveyed through the story of Sudama and the dialogue between Uddhav and the Gopis.

Solan News: सुदामा चरित्र और उद्धव-गोपी संवाद से दिया निष्काम भक्ति का संदेश

Thu, 16 Jul 2026 11:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Thu, 16 Jul 2026 11:41 PM IST
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The message of selfless devotion conveyed through the story of Sudama and the dialogue between Uddhav and the Gopis.
कुनिहार में श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान मौजूद लोग। संवाद
कुनिहार में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान सुनाए गए कई प्रसंग
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार(सोलन)। श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन कथा व्यास आचार्य प्रेमदत्त महाराज ने निष्काम भक्ति का महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के परम मित्र सुदामा चरित्र और उद्धव-गोपी संवाद का भावपूर्ण वर्णन किया। आचार्य प्रेमदत्त महाराज ने कहा कि भगवान को धन, वैभव और बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि भक्त का निष्कलुष प्रेम और अटूट विश्वास प्रिय है।
उन्होंने बताया कि सच्ची भक्ति कामना रहित होती है। भक्त को प्रभु के चरणों में अपना सर्वस्व समर्पित करना चाहिए। कथा व्यास ने गुरु सांदीपनि के आश्रम में श्रीकृष्ण और सुदामा की शिक्षा का प्रसंग सुनाया। श्रीकृष्ण द्वारका के राजा बने, जबकि सुदामा निर्धन ब्राह्मण जीवन व्यतीत करने लगे। आर्थिक अभाव के बावजूद सुदामा ने कभी मित्रता का लाभ नहीं उठाया। पत्नी के आग्रह पर वे श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे। भेंट स्वरूप वे केवल मुट्ठीभर चिवड़े साथ ले गए। उन्होंने निष्कपट प्रेम को ईश्वर तक पहुंचने का सरल मार्ग बताया।
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श्रीकृष्ण को सुदामा के आगमन का समाचार मिलते ही वे राजसिंहासन छोड़कर स्वागत के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने सुदामा को हृदय से लगाया, चरण धोए और प्रेम से चिवड़ों को ग्रहण किया। यह प्रसंग दर्शाता है कि भगवान वस्तु का मूल्य नहीं, बल्कि श्रद्धा और प्रेम की भावना स्वीकार करते हैं। सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी घर लौटने पर उनकी कुटिया दिव्य भवन में बदल चुकी थी।
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कथा के दूसरे प्रसंग में आचार्य प्रेमदत्त महाराज ने उद्धव-गोपी संवाद का मार्मिक वर्णन किया। श्रीकृष्ण ने उद्धव को ज्ञान का संदेश लेकर वृंदावन भेजा था। वहां गोपियों के निष्काम प्रेम को देखकर उद्धव स्वयं भावविभोर हो गए। कथा व्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र सच्ची मित्रता और विश्वास सिखाता है, जबकि गोपियों की भक्ति निष्काम प्रेम का संदेश देती है। इस अवसर पर जानकी देवी, पंकज भारद्वाज, इंद्र पाल शर्मा, संगीता शर्मा, आदित्य जोशी, अरविंद जोशी, मुकेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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