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Solan News: शिक्षा विभाग ने स्कूलों का किया औचक निरीक्षण, 60 में पाई गई कमियां, सुधार के निर्देश
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प्रारंभिक और उच्च शिक्षा अधिकारियों न जांची व्यवस्था
पहाड़े तक नहीं बता पाए बच्चे, कई स्कूलों में सिलेबस भी अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग ने स्कूलों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। अब तक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा विभाग की टीमों ने करीब 60 स्कूलों का निरीक्षण किया है, जिसमें समर और विंटर सेशन के स्कूल शामिल हैं। जनवरी महीने में किए गए निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में बच्चों की लर्निंग क्षमता कम पाई गई, वहीं कुछ प्री-प्राइमरी स्कूलों में समग्र शिक्षा के तहत निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को नहीं पढ़ाया जा रहा था। कुछ स्कूलों में सिलेबस भी अधूरा पाया गया। इन स्कूलों को बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग की निरीक्षण टीमों के साथ उपनिदेशक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशक भी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। समर सेशन के तहत अब तक 12 स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है, और इन स्कूलों में पाई गई खामियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा निदेशक ने पीएमश्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी और केंद्र प्राथमिक पाठशाला चंडी (अर्की) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का जायजा लिया और विद्यार्थियों से अंग्रेजी और गणित विषय से संबंधित कुछ प्रश्न किए, लेकिन विद्यार्थियों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। इसके अलावा, कुछ स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को पहाड़े तक याद नहीं थे। इस पर उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी करने का निर्देश दिया और शिक्षकों को इन विषयों में सुधार करने के लिए कहा।
औचक निरीक्षण आगे भी रहेगा जारी
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आईं, उन्हें सुधारने के लिए संबंधित स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। साथ ही, कई विद्यालयों में किए गए सराहनीय कार्यों की भी प्रशंसा की गई है। औचक निरीक्षण आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
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पहाड़े तक नहीं बता पाए बच्चे, कई स्कूलों में सिलेबस भी अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शिक्षा विभाग ने स्कूलों का औचक निरीक्षण शुरू कर दिया है। अब तक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा विभाग की टीमों ने करीब 60 स्कूलों का निरीक्षण किया है, जिसमें समर और विंटर सेशन के स्कूल शामिल हैं। जनवरी महीने में किए गए निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्कूलों में बच्चों की लर्निंग क्षमता कम पाई गई, वहीं कुछ प्री-प्राइमरी स्कूलों में समग्र शिक्षा के तहत निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को नहीं पढ़ाया जा रहा था। कुछ स्कूलों में सिलेबस भी अधूरा पाया गया। इन स्कूलों को बच्चों को गुणवत्ता शिक्षा प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा विभाग की निरीक्षण टीमों के साथ उपनिदेशक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशक भी स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। समर सेशन के तहत अब तक 12 स्कूलों का निरीक्षण किया जा चुका है, और इन स्कूलों में पाई गई खामियों को दूर करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, उच्च शिक्षा निदेशक ने पीएमश्री राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चंडी और केंद्र प्राथमिक पाठशाला चंडी (अर्की) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं में जाकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों का जायजा लिया और विद्यार्थियों से अंग्रेजी और गणित विषय से संबंधित कुछ प्रश्न किए, लेकिन विद्यार्थियों के जवाब संतोषजनक नहीं थे। इसके अलावा, कुछ स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को पहाड़े तक याद नहीं थे। इस पर उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी करने का निर्देश दिया और शिक्षकों को इन विषयों में सुधार करने के लिए कहा।
औचक निरीक्षण आगे भी रहेगा जारी
शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल चौहान और प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक मोहिंद्र चंद पिरटा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आईं, उन्हें सुधारने के लिए संबंधित स्कूल प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। साथ ही, कई विद्यालयों में किए गए सराहनीय कार्यों की भी प्रशंसा की गई है। औचक निरीक्षण आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।
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