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Solan News: सोलन में छात्र-युवाओं का जोरदार प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
Mon, 20 Jul 2026 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:39 PM IST
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पेपर लीक मामले में मालरोड सोलन पर रोष रैली निकालते विभिन्न संगठनों के सदस्य। संवाद
पुराने डीसी कार्यालय से पुराने बस स्टैंड तक निकाली एक विरोध रैली
पुराने बस स्टैंड पर किया कई पदाधिकारियों ने युवाओं को संबोधित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में छात्रों और युवाओं ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। यह प्रदर्शन पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में था।
पुराने डीसी कार्यालय से पुराने बस स्टैंड तक एक विरोध रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। बड़ी संख्या में छात्र, युवा और जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और भर्ती में देरी के खिलाफ नारे लगाए। सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा, एडवोकेट मनोज वर्मा और पूर्व आईएएस अधिकारी शरभ नेगी ने प्रदर्शन को संबोधित किया। मोहित वर्मा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला, कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार है। उन्होंने पेपर लीक और रद्द हो रही परीक्षाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार को शिक्षा विरोधी, युवा विरोधी, किसान विरोधी और मजदूर विरोधी बताया।
मोहित वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को मुनाफे का साधन बना रही है। सरकारी शिक्षण संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है। लाखों सरकारी पद खाली हैं, पर उन पर भर्ती नहीं हो रही। मनोज वर्मा ने पेपर लीक को युवाओं के सपनों से खिलवाड़ बताया, जवाबदेही तय करने की मांग की। शरभ नेगी ने परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई।
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और पेपर लीक पर कड़ा कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सभी भर्ती परीक्षाएं समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने को कहा। प्रत्येक छात्र को उसके जिले में परीक्षा केंद्र मिले और लंबित परिणाम तुरंत जारी हों। एनटीए को समाप्त कर निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठी। सभी खाली सरकारी पदों पर नियमित भर्ती कर युवाओं को रोजगार दिया जाए और शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगे।
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पुराने बस स्टैंड पर किया कई पदाधिकारियों ने युवाओं को संबोधित
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में छात्रों और युवाओं ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। यह प्रदर्शन पेपर लीक, परीक्षा घोटालों और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में था।
पुराने डीसी कार्यालय से पुराने बस स्टैंड तक एक विरोध रैली निकाली गई। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। बड़ी संख्या में छात्र, युवा और जनसंगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। उन्होंने शिक्षा के निजीकरण और भर्ती में देरी के खिलाफ नारे लगाए। सीटू जिला महासचिव मोहित वर्मा, एडवोकेट मनोज वर्मा और पूर्व आईएएस अधिकारी शरभ नेगी ने प्रदर्शन को संबोधित किया। मोहित वर्मा ने केंद्र सरकार पर हमला बोला, कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था अव्यवस्था का शिकार है। उन्होंने पेपर लीक और रद्द हो रही परीक्षाओं पर चिंता जताई। उन्होंने सरकार को शिक्षा विरोधी, युवा विरोधी, किसान विरोधी और मजदूर विरोधी बताया।
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मोहित वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को मुनाफे का साधन बना रही है। सरकारी शिक्षण संस्थानों को कमजोर किया जा रहा है। लाखों सरकारी पद खाली हैं, पर उन पर भर्ती नहीं हो रही। मनोज वर्मा ने पेपर लीक को युवाओं के सपनों से खिलवाड़ बताया, जवाबदेही तय करने की मांग की। शरभ नेगी ने परीक्षाओं में पारदर्शिता की कमी पर चिंता जताई।
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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और पेपर लीक पर कड़ा कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सभी भर्ती परीक्षाएं समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित करने को कहा। प्रत्येक छात्र को उसके जिले में परीक्षा केंद्र मिले और लंबित परिणाम तुरंत जारी हों। एनटीए को समाप्त कर निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठी। सभी खाली सरकारी पदों पर नियमित भर्ती कर युवाओं को रोजगार दिया जाए और शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगे।