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Solan News: पुनर्मिलन समारोह में सुनाए सैनिकों की वीरता के किस्से
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सुबाथू में चौथी गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल में पुनर्मिलन समारोह के दौरान मुख्यातिथि को सम्मानित क
सुबाथू छावनी में पुनर्मिलन समारोह का आयोजन
सांस्कृतिक कार्यक्रम और परंपराओं का भी किया प्रदर्शन
500 से अधिक सेवारत अधिकारी और उनके परिवारों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भारतीय सेना की चौथी गोरखा राइफल्स (4 जीआर) ने सुबाथू में अपना रेजिमेंटल पुनर्मिलन आयोजित किया। आयोजन वीरता, बलिदान और सौहार्द से भरे 167 वर्षों की विरासत का जश्न मनाने के उपलक्ष्य में था। भारत और नेपाल से आए वेटरंस और उनके परिवारों ने इस पुनर्मिलन समारोह में भाग लेकर वीरता के किस्से सुनाए।
रीयूनियन में रेजिमेंट के 500 से अधिक सेवारत अधिकारी, वेटरंस और परिवारों ने भाग लिया। समारोह में वेस्टर्न कमांड के चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने भी भाग लिया। उन्होंने सभी रैंकों को चौथी गोरखा राइफल्स के गौरवशाली इतिहास को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चौथी गोरखा राइफल्स के कर्नल मेजर जनरल बलबीर सिंह ने कहा कि चौथी गोरखा राइफल्स का समृद्ध इतिहास है, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद में कई महत्वपूर्ण लड़ाइयों और अभियानों में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा इस पुनर्मिलन समारोह ने चौथी रेजिमेंट के स्वर्णिम अतीत के अनुभवी वेटरंस और भविष्य के गौरवशाली शूरवीरों को एक साझा मंच प्रदान किया है। पुनर्मिलन समारोह के दौरान युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि का कार्यक्रम, बड़ाखाना, गोरखा राइफल्स की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। इसके अलावा सैनिक सम्मेलन के साथ-साथ मूर्तियों, वार्षिकी और स्मारिका का अनावरण भी किया गया।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम और परंपराओं का भी किया प्रदर्शन
500 से अधिक सेवारत अधिकारी और उनके परिवारों ने लिया भाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। भारतीय सेना की चौथी गोरखा राइफल्स (4 जीआर) ने सुबाथू में अपना रेजिमेंटल पुनर्मिलन आयोजित किया। आयोजन वीरता, बलिदान और सौहार्द से भरे 167 वर्षों की विरासत का जश्न मनाने के उपलक्ष्य में था। भारत और नेपाल से आए वेटरंस और उनके परिवारों ने इस पुनर्मिलन समारोह में भाग लेकर वीरता के किस्से सुनाए।
रीयूनियन में रेजिमेंट के 500 से अधिक सेवारत अधिकारी, वेटरंस और परिवारों ने भाग लिया। समारोह में वेस्टर्न कमांड के चीफ ऑफ आर्मी स्टॉफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहित वाधवा ने भी भाग लिया। उन्होंने सभी रैंकों को चौथी गोरखा राइफल्स के गौरवशाली इतिहास को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर चौथी गोरखा राइफल्स के कर्नल मेजर जनरल बलबीर सिंह ने कहा कि चौथी गोरखा राइफल्स का समृद्ध इतिहास है, जिसमें उन्होंने स्वतंत्रता से पहले और बाद में कई महत्वपूर्ण लड़ाइयों और अभियानों में अहम भूमिका निभाई है।
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उन्होंने कहा इस पुनर्मिलन समारोह ने चौथी रेजिमेंट के स्वर्णिम अतीत के अनुभवी वेटरंस और भविष्य के गौरवशाली शूरवीरों को एक साझा मंच प्रदान किया है। पुनर्मिलन समारोह के दौरान युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि का कार्यक्रम, बड़ाखाना, गोरखा राइफल्स की समृद्ध परंपराओं का प्रदर्शन करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। इसके अलावा सैनिक सम्मेलन के साथ-साथ मूर्तियों, वार्षिकी और स्मारिका का अनावरण भी किया गया।

सुबाथू में चौथी गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल में पुनर्मिलन समारोह के दौरान मुख्यातिथि को सम्मानित क
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