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Solan News: सोलन में बढ़े सर्पदंश के मामले, हफ्ते में 10 से 14 लोग इलाज के लिए पहुंचे अस्पताल
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बरसात में बिलों से बाहर निकल रहे जहरीले सांप, क्षेत्रीय अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मानसून की बारिश के बाद बिलों से बाहर निकल रहे जहरीले सांप अब लोगों के लिए खतरा बनने लगे हैं। सोलन शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में रोजाना एक से दो मरीज एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जुलाई माह के शुरुआती दिनों में जहां सर्पदंश के इक्का-दुक्का मामले सामने आ रहे थे, वहीं पिछले एक सप्ताह में ही 10 से 14 लोग सर्पदंश के बाद अस्पताल पहुंचे हैं। जुलाई में अब तक 25 से अधिक सर्पदंश के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद कम से कम 24 घंटे तक मेडिसिन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले दो मरीजों को अब तक उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जा चुका है।
सर्पदंश पर बरतें ये सावधानियां
सांप के काटने पर घबराएं नहीं और शांत रहें। डर के कारण हृदय गति बढ़ने से जहर तेजी से फैल सकता है।
जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे हिलाएं-डुलाएं नहीं और स्थिर रखें।
समय बर्बाद किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन लगवाएं।
कोट:
अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों को सर्पदंश के मरीजों की पूरी देखभाल के निर्देश दिए गए हैं। सभी मरीजों को 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है। अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है।
-डॉ. संदीप जैन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। मानसून की बारिश के बाद बिलों से बाहर निकल रहे जहरीले सांप अब लोगों के लिए खतरा बनने लगे हैं। सोलन शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल सोलन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में रोजाना एक से दो मरीज एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। जुलाई माह के शुरुआती दिनों में जहां सर्पदंश के इक्का-दुक्का मामले सामने आ रहे थे, वहीं पिछले एक सप्ताह में ही 10 से 14 लोग सर्पदंश के बाद अस्पताल पहुंचे हैं। जुलाई में अब तक 25 से अधिक सर्पदंश के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को एंटी-स्नेक वेनम देने के बाद कम से कम 24 घंटे तक मेडिसिन वार्ड में डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले दो मरीजों को अब तक उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया जा चुका है।
सर्पदंश पर बरतें ये सावधानियां
सांप के काटने पर घबराएं नहीं और शांत रहें। डर के कारण हृदय गति बढ़ने से जहर तेजी से फैल सकता है।
जिस अंग पर सांप ने काटा है, उसे हिलाएं-डुलाएं नहीं और स्थिर रखें।
समय बर्बाद किए बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचकर एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन लगवाएं।
कोट:
अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों को सर्पदंश के मरीजों की पूरी देखभाल के निर्देश दिए गए हैं। सभी मरीजों को 24 घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा जा रहा है। अस्पताल में एंटी-स्नेक वेनम वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है।
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-डॉ. संदीप जैन, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल, सोलन