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Samagra Shiksha Abhiyan: सोलन के सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में स्थापित होंगे साइंस लैब, मांग ब्योरा
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Science labs to be set up in senior secondary schools of Solan
- फोटो : File Photo
सोलन। समग्र शिक्षा अभियान के तहत सोलन के करीब 50 सरकारी स्कूलों में विज्ञान की प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए शिक्षा विभाग से स्कूलों से ब्योरा एकत्रित करना शुरू कर दिया है। ब्योरा एकत्रित होने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूलों को बजट आवंटित किया जाएगा। इस बजट से स्कूलों में जहां साइंस ब्लॉक का अलग से निर्माण किया जाएगा, वहीं, लैब में स्थापित होने वाले अन्य उपकरण भी खरीदे जाएंगे।
जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी के तहत जिला के स्कूलों भवन, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब से संबंधित जानकारी मांगी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जिला के 50 फीसदी सरकारी स्कूलों के पास विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है। इसके अलावा कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके पास साइंस लैब के लिए कमरों की व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिला के सभी शिक्षा खंडों में चल रहे रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से भवन में कमरों की संख्या, विज्ञान और कंप्यूटर लैब की वर्तमान स्थिति और साइंस लैब स्थापित करने के लिए जरूरी अन्य सुविधाओं की व्यापक जानकारी मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला से उच्च शिक्षा निदेशालय को स्कूलों की सूची भेजी जाएगी। इसके आधार पर ही साइंस लैब से जुड़ी अन्य सुविधाएं स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी।
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उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन जगदीश नेगी ने बताया कि सभी शिक्षा खंडों से स्कूल भवन, विज्ञान और कंप्यूटर लैब की कमी वाले स्कूलों की सूची मांगी है। सूची के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी, ताकि साइंस लैब की स्थापना का रास्ता आसान हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार समग्र शिक्षा अभियान के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी के तहत जिला के स्कूलों भवन, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब से संबंधित जानकारी मांगी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो वर्तमान में जिला के 50 फीसदी सरकारी स्कूलों के पास विज्ञान प्रयोगशाला नहीं है। इसके अलावा कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके पास साइंस लैब के लिए कमरों की व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में इन स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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जिला के सभी शिक्षा खंडों में चल रहे रहे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों से भवन में कमरों की संख्या, विज्ञान और कंप्यूटर लैब की वर्तमान स्थिति और साइंस लैब स्थापित करने के लिए जरूरी अन्य सुविधाओं की व्यापक जानकारी मांगी गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर जिला से उच्च शिक्षा निदेशालय को स्कूलों की सूची भेजी जाएगी। इसके आधार पर ही साइंस लैब से जुड़ी अन्य सुविधाएं स्कूलों को मुहैया करवाई जाएंगी।
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उधर, उच्च शिक्षा उपनिदेशक सोलन जगदीश नेगी ने बताया कि सभी शिक्षा खंडों से स्कूल भवन, विज्ञान और कंप्यूटर लैब की कमी वाले स्कूलों की सूची मांगी है। सूची के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च शिक्षा निदेशालय को भेजी जाएगी, ताकि साइंस लैब की स्थापना का रास्ता आसान हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधा प्रदान करने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।