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Himachal Gov't School : भवन की छत का पलस्तर उखड़ा, नहीं ली सुध, अब दूसरे स्कूलों में बच्चों को माइग्रेट कर रहे अभिभावक

Tue, 06 Sep 2022 01:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Sep 2022 01:00 AM IST
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Roof plastered, now parents migrating children to other schools
नालागढ़ के प्राथमिक पाठशाला धार के भवन की छत से उखड़ा पलस्तर। - फोटो : SOLAN
रामशहर (सोलन)। नालागढ़ शिक्षा खंड के अधीन आने वाला प्राथमिक स्कूल धार के भवन की हालत खस्ता हो गई है। भवन के छत से पलस्तर गिरना शुरू हो गया है। अध्यापक अब मजबूरी में बच्चों की कक्षाएं बरामदे में लगा रहे हैं। अभिभावक भी स्कूल की हालत देखकर बच्चों को स्कूल में भेजने से कतराने लगे हैं। यहां तक कि कई अभिभावकों ने अपने बच्चे को दूसरे स्कूलों में शिफ्ट कर दिए हैं। अभिभावक स्कूल भवन को असुरक्षित घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
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जन कल्याण समिति के अध्यक्ष विशाल परमार ने बताया कि स्कूल का भवन वर्ष 2015 से खस्ता हाल है। इस कारण यहां बच्चों की संख्या लगातार कम हो रही है। वर्ष 2016 में स्कूल में 14 बच्चे थे, अब छह बच्चे ही रह गए हैं। इसी स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र भी जिसमें 17 बच्चे हैं। वर्तमान में प्राइमरी और आंगनबाड़ी दोनों के 23 बच्चे हैं। शिक्षकों को डर के कारण कक्षाएं बरामदे पर लगानी पड़ रही हैं।
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स्कूल प्रबधन समिति की प्रधान ममता शर्मा ने कहा कि स्कूल की खस्ता हालत का मुद्दा जनमंच में भी उठाया गया था। उस दौरान स्कूल भवन के जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी कोई हल नहीं हुआ। सर्दी और बरसात में भी बच्चों की बरामदे में ही बैठना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एसएमसी ने उच्च अधिकारियों को पत्र लिख कर भी स्कूल भवन को असुरक्षित करने की मांग की है।
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नालागढ़ के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) अनोख सिंह ने बताया कि उन्होंने इस बारे में एसडीएम नालागढ़ को अवगत करवा दिया है। साथ ही उन्होंने कमेटी का गठन भी कर दिया है। जल्द ही एसडीएम के आदेश मिलने पर कमेटी संबंधित स्कूल के निरीक्षण करेगी और भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया जाएगा। फिलहाल बच्चों की कक्षाएं बरामदे में लग रही है।
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