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शीशा बनीं सड़कें, सुबह जरा संभलकर चलाएं वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:25 PM IST
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बारिश और बर्फबारी के बाद अब कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार रात -1 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। दिन भर बादल छाए रहने के बाद रात को मौसम साफ हो रहा है। यह लोगों के लिए दिक्कत भरा है। रात को पारा शून्य से नीचे गिर जाने से सड़कों के किनारे खड़ा पानी बर्फ के शीशे में बदला रहा है। इससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सोलन के अलावा कसौली, चायल, कुनिहार, अर्की के कई संपर्क मार्गों पर कोहरा जमने से यातायात प्रभावित होने की सूचना है।
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धर्मपुर कसौली, गढ़खल गुनाई मार्ग, कसौली परवाणू मार्ग के अलावा शामती, आंजी में भी कोहरे से सुबह यातायात प्रभावित हुआ है। कसौली क्षेत्र में धूप खिलने या मौसम साफ होने के बाद ही दोपहिया वाहन चल रहे हैं। छोटी गाड़ियों को भी इस दशा में चलाना जोखिम भरा है।
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कसौली और चायल में तो पानी की पाइपें तक जाम हो रही हैं। यही हालात सोलन के कुछ क्षेत्रों में भी हैं। एक ओर अश्वनी प्रतिबंध होने से पेयजल किल्लत से लोग बेहाल हैं। ऐसे में पाइपें जाम होने से सुबह पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रह है। खेतों में कोहरे की सफेद चादर से पैदावार जलने का खतरा मंडरा रहा है। लोगों को इस हाड कंपा देने वाली ठंड और कोहरे के कारण सुबह लंबे समय तक घरों में दुबक कर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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न्यूनतम तापमान का टूटा रिकार्ड
बताया जा रहा है कि इस बार पांच सालों का जनवरी का न्यूनतम तापमान का रिकार्ड टूट गया है। बुधवार रात सोलन में माइनस-1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतम 13 से भी कम आंका गया है। नौणी विवि के पर्यावरण विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. परमिंद्र कौर बावेजा का कहना है कि 13 जनवरी के बाद फिर से मौसम बिगड़ने की संभावना है। बुधवार रात तो न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया। रात को मौसम साफ रहने से चारों तरफ कोहरे की परत जमी थी।
धुंध का भी खतरा: 94 तक पहुंची विजिबिलिटी
कोहरे के साथ साथ धुंध ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नौणी पर्यावरण विभाग के मुताबिक दो दिन में विजिबिल्टिी भी 94 तक पहुंच गई हैं। ऐसे में यदि आप रात तो वाहन चलाने की सोच रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। कोहरे की फिसलन के साथ धुंध का सामना घातक साबित हो सकता है। डीएसी हेमंत शर्मा ने कहा कि कोहरे और धुंध के दौरान टू व्हीलर तथा छोटी गाड़ियों को चलाने से बचें। अगर गाड़ी चलाना मजबूरी है तो हैवी गियर के साथ फॉग लाइट और लाइटों को दुरुस्त रखें।
बिजली का लोड भी बढ़ा
भारी ठंड के कारण बिजली का लोड बढ़ गया है। हीटर, गीजर और अन्य बिजली के उपकरण जलने से अधिक खपत होने लगी है। हालांकि बर्फबारी और बारिश के दौरान बिजली बोर्ड का कार्य शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में सराहनीय रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ दिक्कत जरूर हुई। मौजूद समय में शहर और आसपास के क्षेत्रों में 30 एमवीए लोड मिल रहा है। बिजली की खपत बढ़कर 30 एमवीए तक पहुंच गई है। अगर ऐसा आलम रहा तो खपत बढ़ने से कट की परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
पैदावार के लिए खराब कोहरा
कोहरे के दौरान किसानों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। वर्तमान में मटर, गेहूं, गोभी, धनिया और मेथी की पैदावार प्रथम चरण में है। ऐसे में कोहरे की मार इन नगदी पैदावार प्रारंभिक चरण में ही जला रही है। क्यारियों में लगाए गए फूल पर भी खतरा है। लिहाजा किसानों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कोहरे से पैदावार को बचाने के लिए तरपाल आदि का इंतजाम करना होगा। नींबू , खुमानी, पलम, सेब और अनार के छोटे पौधों पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।
ठंड से कारोबार भी हुआ मंदा
स्थानीय निवासी श्याम लाल, कृष्ण दास, इंद्रलाल, पूर्ण चंद, सुनील तनवर और अन्य ने बताया कि कई वर्षों के बाद इतना कोहरा और ठंड पड़ रही है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कोहरे के कारण पाइप लाइनें भी जमने लगी हैं। व्यापारी प्रवीण कुमार, अनिल गर्ग, सुरेश जोशी, देवराज कौंडल, राजीव, वेद प्रकाश और राधा रमन शर्मा ने बताया कि आजकल ठंड के कारण लोग बाजार का रुख कम कर रहे हैं। इस कारण व्यापार पर भी इस का असर देखने को मिल रहा है। ठंड अधिक होने के कारण अकसर कारोबारियों को दुकानों के बाहर अंगीठी जलाए देखा जा सकता है।