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Solan News: एक ही एक्सरे तकनीशियन के सहारे क्षेत्रीय अस्पताल
Fri, 02 Jun 2023 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 02 Jun 2023 11:29 PM IST
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अस्पताल में पहुंच रहे सैकड़ों रोगियों को झेलनी पड़ रही परेशानी
एक्सरे होने के बाद रिपोर्ट के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार
एक्स-रे तकनीशियन के पास ईसीजी करने का भी अतिरिक्त कार्यभार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में एक्सरे कक्ष में इन दिनों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसका कारण इतने बड़े अस्पताल में केवल एक ही एक्सरे तकनीशियन है। ऐसे में अस्पताल पहुंच रहे सैकड़ों रोगियों का जहां समय बर्बाद हो रहा है। वहीं उनके उपचार में भी देरी हो रही है। तकनीशियन की कमी होने के चलते मरीजों को एक्सरे कराने के बाद रिपोर्ट हासिल करने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है। आलम यह है कि एक ही कर्मचारी को एक्स-रे से लेकर ईसीजी करने तक का अतिरिक्त काम करना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारी पर भी बोझ पड़ रहा है। वहीं लोगों को भी खासी परेशानी हो रही है। वहीं आपात स्थिति में भी ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ता है।
ओपीडी से जब मरीज को एक्सरे के लिए लिखा जाता है तो उसे करीब 40 से 45 मिनट एक्सरे करवाने में ही लग जाते हैं। जबकि यदि यहां पर तकनीशियन दो होंगे तो मरीज को 10 मिनट में एक्सरे मिल जाएगा। एक्सरे में देरी होने से मरीजों के इलाज में भी देरी हो रही है।
गौर रहे कि एक्स-रे कक्ष में दो कर्मचारी तैनात किए गए थे। लेकिन बीते दिनों एक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया। ऐसे में केवल एक ही कर्मचारी को एक्स-रे से लेकर रिपोर्ट तक का जिम्मा सौंप दिया गया है। वहीं इसके बाद से तकनीशियन पद को भरा नहीं गया है। जबकि कई बार इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया है। बावजूद इसके वर्तमान तक पद नहीं भरा गया है।
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उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने कहा कि इस बारे उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। उम्मीद है जल्द ही एक अन्य कर्मी की तैनाती एक्स रे कक्ष में हो जाएगी। फिलहाल एमएमयू से आए प्रशिक्षुओं की मदद से एक्स रे करवाए जा रहे हैं।
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एक्सरे होने के बाद रिपोर्ट के लिए घंटों करना पड़ता है इंतजार
एक्स-रे तकनीशियन के पास ईसीजी करने का भी अतिरिक्त कार्यभार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में एक्सरे कक्ष में इन दिनों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसका कारण इतने बड़े अस्पताल में केवल एक ही एक्सरे तकनीशियन है। ऐसे में अस्पताल पहुंच रहे सैकड़ों रोगियों का जहां समय बर्बाद हो रहा है। वहीं उनके उपचार में भी देरी हो रही है। तकनीशियन की कमी होने के चलते मरीजों को एक्सरे कराने के बाद रिपोर्ट हासिल करने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है। आलम यह है कि एक ही कर्मचारी को एक्स-रे से लेकर ईसीजी करने तक का अतिरिक्त काम करना पड़ता है। ऐसे में कर्मचारी पर भी बोझ पड़ रहा है। वहीं लोगों को भी खासी परेशानी हो रही है। वहीं आपात स्थिति में भी ऐसी ही परिस्थिति का सामना करना पड़ता है।
ओपीडी से जब मरीज को एक्सरे के लिए लिखा जाता है तो उसे करीब 40 से 45 मिनट एक्सरे करवाने में ही लग जाते हैं। जबकि यदि यहां पर तकनीशियन दो होंगे तो मरीज को 10 मिनट में एक्सरे मिल जाएगा। एक्सरे में देरी होने से मरीजों के इलाज में भी देरी हो रही है।
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गौर रहे कि एक्स-रे कक्ष में दो कर्मचारी तैनात किए गए थे। लेकिन बीते दिनों एक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया। ऐसे में केवल एक ही कर्मचारी को एक्स-रे से लेकर रिपोर्ट तक का जिम्मा सौंप दिया गया है। वहीं इसके बाद से तकनीशियन पद को भरा नहीं गया है। जबकि कई बार इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया है। बावजूद इसके वर्तमान तक पद नहीं भरा गया है।
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उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसएल वर्मा ने कहा कि इस बारे उच्चाधिकारियों को बताया जा चुका है। उम्मीद है जल्द ही एक अन्य कर्मी की तैनाती एक्स रे कक्ष में हो जाएगी। फिलहाल एमएमयू से आए प्रशिक्षुओं की मदद से एक्स रे करवाए जा रहे हैं।