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Solan News: रागी जत्थाें ने शबद कीर्तन कर संगत को किया निहाल
Sat, 23 Sep 2023 11:18 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 23 Sep 2023 11:18 PM IST
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ढांग उपरली के बुंगा गुरूद्वारा में समागम में गुरबाणी सुनाते हुए ढ़ाडी जत्था। संवाद
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बुंगा गुरुद्वारा साहिब में समागम का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा गुरुद्वारा साहिब में सिंह सभा लहर के 150 साल को समर्पित शताब्दी समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरमत प्रचार ट्रस्ट के रागी भाई हरि सिंह ने मधुर वाणी से उपस्थित संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढाडी जत्था बलवीर सिंह भट्ठल ने सिखों को बचपन से गुरवाणी के साथ जुड़ने का आह्वान किया। रागी ज्ञानी केबल सिंह ने 150 साल समर्पित शताब्दी की लहर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुराने समय में स्कूल न होने की वजह से गुरुद्वारों में ही शिक्षा ग्रहण करवाई जाती थी। उस समय महिलाओं को पढ़ाई करवाना पाप समझा जाता था। लेकिन सिखों ने अमृतसर में खालसा काॅलेज की स्थापना करवाई और सभी को उसमें पढ़ने का अवसर दिया। पुरुष और महिलाओं के अंतर को खत्म कर सभी को एक समान शिक्षा ग्रहण करवाई गई।
ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादूर, हरि सिंह नलुआ जैसे सूरमे अब पैदा होने बंद हो गए हैं। सिखों के बच्चे भी मेहनत करने की बजाय नशे जैसी बीमारियों की जद में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बचपन से बच्चों को अपने गुरुओं के इतिहास के बारे जागरूक करो। मंच का संचालन ज्ञानी महिंद्र सिंह ने किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के ढांग उपरली स्थित अकाल बुंगा गुरुद्वारा साहिब में सिंह सभा लहर के 150 साल को समर्पित शताब्दी समागम का आयोजन किया गया। इस दौरान रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। गुरमत प्रचार ट्रस्ट के रागी भाई हरि सिंह ने मधुर वाणी से उपस्थित संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। ढाडी जत्था बलवीर सिंह भट्ठल ने सिखों को बचपन से गुरवाणी के साथ जुड़ने का आह्वान किया। रागी ज्ञानी केबल सिंह ने 150 साल समर्पित शताब्दी की लहर के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पुराने समय में स्कूल न होने की वजह से गुरुद्वारों में ही शिक्षा ग्रहण करवाई जाती थी। उस समय महिलाओं को पढ़ाई करवाना पाप समझा जाता था। लेकिन सिखों ने अमृतसर में खालसा काॅलेज की स्थापना करवाई और सभी को उसमें पढ़ने का अवसर दिया। पुरुष और महिलाओं के अंतर को खत्म कर सभी को एक समान शिक्षा ग्रहण करवाई गई।
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ज्ञानी केवल सिंह ने कहा कि बाबा बंदा सिंह बहादूर, हरि सिंह नलुआ जैसे सूरमे अब पैदा होने बंद हो गए हैं। सिखों के बच्चे भी मेहनत करने की बजाय नशे जैसी बीमारियों की जद में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बचपन से बच्चों को अपने गुरुओं के इतिहास के बारे जागरूक करो। मंच का संचालन ज्ञानी महिंद्र सिंह ने किया।
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