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लंपी रोग से पशु की मौत पर मिलेगा 30,000 मुआवजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। पशुपालन विभाग ने जिले की सभी पंचायतों से लंपी रोग से संक्रमित और मृत पशुओं की मौत के आंकड़े मांगे हैं। लंपी रोग से पशु की मौत पर पशुपालकों को 30,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें पशुपालकों को पशु की मौत की तुरंत सूचना विभाग को देनी होगी।
लंपी से मौत के बाद संबंधित पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र भी विभाग या संबंधित उपमंडलाधिकारी का ही मान्य होगा। इसे वेटरनरी या विभाग के आला अधिकारी तैयार करेंगे। संक्रमित पशुओं की मौत के बाद उसे दबाने के निर्देश दिए हैं। इसमें पशुपालकों को गड्ढे में चूना भी डालना होगा।
जानकारी के अनुसार शनिवार को जिले में 20 पशुओं की मौत हो गई है जबकि 514 संक्रमित हुए हैं। इसके साथ मौत का आंकड़ा 122 और संक्रमितों का 4,697 पहुंच गया है। इसमें से 1,709 संक्रमित पशु रिकवर भी हुए हैं।
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पशुपालन विभाग ने स्वस्थ पशुओं की वैक्सीन कार्य को भी युद्ध स्तर पर कर रहा है। इसमें अभी तक 7,018 स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण भी किया जा चुका है। लंपी रोग कमजोर और पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित पशु रोग की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। इसमें बहुत कमजोर पशुओं की मौत भी हो रही है। यह रोग सिर्फ गो प्रजाति के पशुओं में ही लग रहा है जबकि इस रोग से भैंसों को कोई नुकसान पहुंचा है।
उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. बीबी गुप्ता ने बताया कि पशु की मौत के बाद इसकी सूचना तुरंत देनी होगी। पशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट या फिर मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले पशुपालक ही मुआवजे के हकदार होंगे।
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सोलन। पशुपालन विभाग ने जिले की सभी पंचायतों से लंपी रोग से संक्रमित और मृत पशुओं की मौत के आंकड़े मांगे हैं। लंपी रोग से पशु की मौत पर पशुपालकों को 30,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें पशुपालकों को पशु की मौत की तुरंत सूचना विभाग को देनी होगी।
लंपी से मौत के बाद संबंधित पशु का मृत्यु प्रमाण पत्र भी विभाग या संबंधित उपमंडलाधिकारी का ही मान्य होगा। इसे वेटरनरी या विभाग के आला अधिकारी तैयार करेंगे। संक्रमित पशुओं की मौत के बाद उसे दबाने के निर्देश दिए हैं। इसमें पशुपालकों को गड्ढे में चूना भी डालना होगा।
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जानकारी के अनुसार शनिवार को जिले में 20 पशुओं की मौत हो गई है जबकि 514 संक्रमित हुए हैं। इसके साथ मौत का आंकड़ा 122 और संक्रमितों का 4,697 पहुंच गया है। इसमें से 1,709 संक्रमित पशु रिकवर भी हुए हैं।
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पशुपालन विभाग ने स्वस्थ पशुओं की वैक्सीन कार्य को भी युद्ध स्तर पर कर रहा है। इसमें अभी तक 7,018 स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण भी किया जा चुका है। लंपी रोग कमजोर और पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित पशु रोग की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। इसमें बहुत कमजोर पशुओं की मौत भी हो रही है। यह रोग सिर्फ गो प्रजाति के पशुओं में ही लग रहा है जबकि इस रोग से भैंसों को कोई नुकसान पहुंचा है।
उधर, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. बीबी गुप्ता ने बताया कि पशु की मौत के बाद इसकी सूचना तुरंत देनी होगी। पशु की पोस्टमार्टम रिपोर्ट या फिर मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने वाले पशुपालक ही मुआवजे के हकदार होंगे।