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आरटीआई के तहत जानकारी न देने पर डीएफओ को जुर्माना

Sun, 24 Apr 2016 10:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Sun, 24 Apr 2016 10:28 PM IST
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panalety on DFO due to not given information
कुनिहार वन मंडल के डीएफओ को राज्य सूचना आयोग ने समय पर सही सूचना न देने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। - फोटो : Demo Pic

 कुनिहार वन मंडल के डीएफओ को राज्य सूचना आयोग ने समय पर सही सूचना न देने पर 2500 रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई पर छूट दी है। शिकायतकर्ता ने सूचना देने में कोताही बरतने के आरोप लगाए थे।

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राज्य सूचना आयोग ने आरटीआई एक्ट की धारा 19 के तहत समय पर सूचना न देने के तहत यह कार्रवाई की है। एक स्थानीय आरटीआई एक्टिविस्ट ने वर्ष 2011 में दानोंघाट सेरी निर्माणाधीन सड़क के संबंध में वन विभाग से सूचना मांगी थी लेकिन विभाग ने स्टाफ की भारी कमी का हवाला देकर समय पर सूचना उपलब्ध नहीं करवाई। मामले की अंतिम सुनवाई में राज्य सूचना आयुक्त ने विभाग के डीएफओ को आरटीआई एक्ट का उल्लंघन करने का दोषी पाते हुए जुर्माना अदा करने के आदेश दिए।
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यह है मामला
सोलन जिला के अर्की लोनिवि उपमंडल में पीएमजीएसवाई फंड के तहत दानोघाट सेरी सड़क बनाई गई। इसका निर्माण वन भूमि सेर धारकड़ु पर किया गया। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने सूचना मांगी थी। लेकिन इस संदर्भ में सूचना न मिलने के बाद मामले में प्रथम अपील की गई। इसके बाद मामला सूचना आयोग पहुंचा।
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मामले में यह पाया आयोग ने
आयोग ने पाया कि डीएफओ ने प्रथम अपील के आदेशानुसार सूचना प्रदान नहीं की है। आयुक्त ने सूचना संख्या 4 और 10 के बारे में डीएफओ को आदेश दिए कि वह इस बारे लोनिवि के अधिशासी अभियंता को लिखे ताकि अभ्यर्थी को सूचना प्रदान की जा सके।


यह दिया गया तर्क
सूचना में देरी के बारे में संबंधित अधिकारी ने स्टाफ की कमी का हवाला दिया। इस पर आयोग ने सेक्शन बीस के तहत होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई पर डीएफओ को छूट दे दी। वहीं सीआईसी ने अतिम निर्णय में डीएफओ को समय पर सूचना न देेन का लापरवाही माना और आरटीआई अंडर सेक्शन-19 (8) (बी) के तहत 2500 रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं डीएफओ कुनिहार आरएस जस्वाल ने भी जुर्माना लगने की बात को स्वीकारा है।

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