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Solan News: 15 दिन पहले बंद हो गई मंडियों में धान की खरीद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बीबीएन में इस साल वायरस की मार से धान का कम उत्पादन हुआ। इसका सीधा असर मंडियों में देखने को मिला है। पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह तक धान बिका था लेकिन इस साल 20 नवंबर से पहले ही किसान मंडियों में आना बंद हो गए हैं।
बीते एक सप्ताह से कोई भी किसान अपना धान लेकर मंडी नहीं पहुंचा है। ऐसे में अब मंडियों में भी सन्नाटा पसर गया है। अभी तक बीबीएन में 1,055 किसानों का 6.60 करोड़ रुपये का धान बिका है। यह पिछले साल के मुकाबले 10,000 क्विंटल कम है।
नालागढ़ में एफसीआई और मलपुर में खाद्य आपूर्ति निगम किसानों का धान खरीद रहे हैं। हालांकि पिछले एक सप्ताह से यहां पर कोई भी धान बेचने वाला किसान नहीं पहुंचा है। ऐसे में यहां अब धान का सीजन खत्म होता नजर आ रहा है।
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यहां के किसान पहले पंजाब की मंडियों में अपना धान बेचते थे लेकिन वहां पर जमीन की फर्द लगने से पिछले दो सालों से पंजाब की मंडियों में किसानों का धान नहीं बिक रहा है।
इस कारण नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खरीद केंद्र खोले गए। नालागढ़ में अभी तक 426 किसान 12,230 क्विंटल जबकि मलुपर में 629 किसान 19,849 क्विंटल धान अभी तक बेच चुके हैं। किसानों के बैंक खाते में 6.60 करोड़ रुपये पहुंच भी गए हैं।
किसान यूनियन के प्रधान सुरमुख सिंह ने बताया कि सरकार ने नालागढ़ और मलपुर में खरीद केंद्र खुलने से यहां के किसानों को घर-द्वार पर सुविधा मिल रही है। टोकन सिस्टम में काफी कमियां होने से बड़े किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, सोढी राम, मुकेश कुमार और अमर चंद ने बताया कि इस बार हाइब्रिड में वायरस रोग लगने से किसानों को धान कम निकला और यही कारण है इस वर्ष जल्दी धान बिकना बंद हो गया है।
कृषि उपज मंडी नालागढ़ के प्रभारी गंगाराम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से नालागढ़ और मलपुर में कोई भी किसान धान लेकर नहीं आया है।
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बद्दी(सोलन)। बीबीएन में इस साल वायरस की मार से धान का कम उत्पादन हुआ। इसका सीधा असर मंडियों में देखने को मिला है। पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह तक धान बिका था लेकिन इस साल 20 नवंबर से पहले ही किसान मंडियों में आना बंद हो गए हैं।
बीते एक सप्ताह से कोई भी किसान अपना धान लेकर मंडी नहीं पहुंचा है। ऐसे में अब मंडियों में भी सन्नाटा पसर गया है। अभी तक बीबीएन में 1,055 किसानों का 6.60 करोड़ रुपये का धान बिका है। यह पिछले साल के मुकाबले 10,000 क्विंटल कम है।
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नालागढ़ में एफसीआई और मलपुर में खाद्य आपूर्ति निगम किसानों का धान खरीद रहे हैं। हालांकि पिछले एक सप्ताह से यहां पर कोई भी धान बेचने वाला किसान नहीं पहुंचा है। ऐसे में यहां अब धान का सीजन खत्म होता नजर आ रहा है।
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यहां के किसान पहले पंजाब की मंडियों में अपना धान बेचते थे लेकिन वहां पर जमीन की फर्द लगने से पिछले दो सालों से पंजाब की मंडियों में किसानों का धान नहीं बिक रहा है।
इस कारण नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खरीद केंद्र खोले गए। नालागढ़ में अभी तक 426 किसान 12,230 क्विंटल जबकि मलुपर में 629 किसान 19,849 क्विंटल धान अभी तक बेच चुके हैं। किसानों के बैंक खाते में 6.60 करोड़ रुपये पहुंच भी गए हैं।
किसान यूनियन के प्रधान सुरमुख सिंह ने बताया कि सरकार ने नालागढ़ और मलपुर में खरीद केंद्र खुलने से यहां के किसानों को घर-द्वार पर सुविधा मिल रही है। टोकन सिस्टम में काफी कमियां होने से बड़े किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।
नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, सोढी राम, मुकेश कुमार और अमर चंद ने बताया कि इस बार हाइब्रिड में वायरस रोग लगने से किसानों को धान कम निकला और यही कारण है इस वर्ष जल्दी धान बिकना बंद हो गया है।
कृषि उपज मंडी नालागढ़ के प्रभारी गंगाराम ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से नालागढ़ और मलपुर में कोई भी किसान धान लेकर नहीं आया है।