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Solan News: आईएसए फैलो बना नौणी विवि का वैज्ञानिक
Fri, 15 Dec 2023 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 15 Dec 2023 11:30 PM IST
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विश्वविद्यालय ने जीते दो सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंद्र देव को एग्रोनॉमी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी ने आईएसए फैलो 2022 के रूप में चुना है। डॉ. देव को हाल ही में आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा में आयोजित लचीली उत्पादन प्रणालियों और आजीविका सुरक्षा के लिए जलवायु स्मार्ट कृषि विज्ञान विषय पर आयोजित 22वीं द्विवार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान सोसायटी का फैलो चुना गया।
इस संगोष्ठी के दौरान, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दो सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार भी अपने नाम किए। उत्तर-पश्चिमी हिमालय के मध्य पहाड़ी क्षेत्र में जंगली अनार आधारित कृषि वानिकी प्रणाली के तहत स्ट्रॉबेरी कैमरोसा के फल की गुणवत्ता पर विभिन्न पोषक तत्वों के स्रोतों और मल्च का प्रभाव विषय पर लिखे शोध पत्र जिसे डॉ. प्रेम प्रकाश, अंशुल ठाकुर, डॉ. डीआर भारद्वाज, डॉ. हित वशिष्ठ और डॉ. प्रमोद वर्मा ने लिखा था को सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार मिला। इसके अतिरिक्त डॉ. पारुल शर्मा, शहनाज खान, साक्षी, कृतिका खागटा, डॉ. रजनीश शर्मा और डॉ. विशाल राणा द्वारा लिखित एक अन्य पेपर एक्टीनिडिया प्रजाति के प्रचार के लिए टिशू कल्चर आधारित हस्तक्षेप विषय पर उनके शोध पत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार से नवाजा गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नौणी विवि के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. इंद्र देव को एग्रोनॉमी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी ने आईएसए फैलो 2022 के रूप में चुना है। डॉ. देव को हाल ही में आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान, गोवा में आयोजित लचीली उत्पादन प्रणालियों और आजीविका सुरक्षा के लिए जलवायु स्मार्ट कृषि विज्ञान विषय पर आयोजित 22वीं द्विवार्षिक राष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान सोसायटी का फैलो चुना गया।
इस संगोष्ठी के दौरान, विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दो सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार भी अपने नाम किए। उत्तर-पश्चिमी हिमालय के मध्य पहाड़ी क्षेत्र में जंगली अनार आधारित कृषि वानिकी प्रणाली के तहत स्ट्रॉबेरी कैमरोसा के फल की गुणवत्ता पर विभिन्न पोषक तत्वों के स्रोतों और मल्च का प्रभाव विषय पर लिखे शोध पत्र जिसे डॉ. प्रेम प्रकाश, अंशुल ठाकुर, डॉ. डीआर भारद्वाज, डॉ. हित वशिष्ठ और डॉ. प्रमोद वर्मा ने लिखा था को सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार मिला। इसके अतिरिक्त डॉ. पारुल शर्मा, शहनाज खान, साक्षी, कृतिका खागटा, डॉ. रजनीश शर्मा और डॉ. विशाल राणा द्वारा लिखित एक अन्य पेपर एक्टीनिडिया प्रजाति के प्रचार के लिए टिशू कल्चर आधारित हस्तक्षेप विषय पर उनके शोध पत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार से नवाजा गया।
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