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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Mushroom growers of Mushroom City Solan not growing mushroom due to unavailabiity of compost

Solan News: जिले में नहीं मिल रही कंपोस्ट, मशरूम उगाना छोड़ रहे किसान

Fri, 25 Nov 2022 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Nov 2022 11:59 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोलन। ‘मशरूम सीटी’ सोलन समेत अन्य चार जिलों के उत्पादक (ग्रोवर) कंपोस्ट (खाद) नहीं मिलने से मशरूम उगाना छोड़ रहे हैं। लाखों रुपये की लागत से बनाए उत्पादकों के मशरूम फार्म खाली पड़े हैं।
यह समस्या 2017 में फोरलेन निर्माण के दौरान कंपोस्ट यूनिट के उजड़ने से पेश आ रही है। इसके बाद अभी तक मशरूम उत्पादकों के लिए सस्ती दरों में खाद देने के लिए कोई विकल्प ही नहीं बन सका है।
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इस कारण सोलन समेत सिरमौर, शिमला, किन्नौर और बिलासपुर के 2,746 ग्रोवर परेशान हैं। वर्तमान में कुछ बड़े ग्रोवर निजी या रामपुर की दत्तनगर खाद यूनिट से गुजारा कर रहे हैं। यहां से सभी उत्पादकों के लिए खाद पूरी करना मुश्किल हो रहा है।
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उद्यान विभाग का करीब 42 वर्ष पुराना मशरूम कंपोस्ट इकाई फोरलेन की जद में आने से उजड़ गई। अब जिले में किसानों को मशरूम उगाने का प्रशिक्षण ही दिया जा रहा है। आचार संहिता के चलते इन दिनों वह भी बंद है।
अभी तक विभाग पांच जिलों के 10,287 किसानों को मशरूम का प्रशिक्षण दे चुका है लेकिन खाद नहीं मिलने से कई ग्रोवर प्रशिक्षण लेने के बाद भी अपना काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
हालांकि उद्यान विभाग ने मशरूम कंपोस्ट इकाई को दोबारा लगाने के लिए पिछले पांच वर्षों से जमीन तलाश कर रही है। जिले के दो क्षेत्रों में जमीनों का चयन भी किया गया है लेकिन मामला सरकार के विचाराधीन है। अभी इसमें अंतिम निर्णय बाकी है।
नहीं दिया सस्ती खाद का विकल्प
जिला सोलन के अर्की क्षेत्र के हनुमान बड़ोग के मशरूम ग्रोवर अशोक कुमार, मांगू के बलदेव, दाड़लाघाट के नरेश ठाकुर, दिवाकर, हरिकृष्ण, भूपेंद्र, गणेश दत्त शर्मा, अशोक कुमार, विजय आदि ने बताया कि चंबाघाट कंपोस्ट यूनिट को फोरलेन की जद में आए पांच साल हो गए हैं।
इसके बावजूद अभी तक इस यूनिट से जुड़े ग्रोवरों को सस्ती खाद देने के लिए कोई भी विकल्प नहीं निकाला गया है। खाद नहीं मिलने से लाखों रुपये से बनाए मशरूम फार्म बंद करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई ग्रोवरों ने फार्म तोड़कर उसे स्टोर बना दिया है।

फोरलेन की जद में आने के बाद से चंबाघाट कंपोस्ट यूनिट बंद है। यहां पर सिर्फ मशरूम प्रशिक्षण ही करवाया जा रहा है। विभाग के पास पंजीकृत मशरूम ग्रोवर सस्ती खाद लेने के लिए रामपुर के दत्तनगर स्थित मशरूम यूनिट में आवेदन कर सकते हैं। ग्रोवरों को ट्रांसपोर्ट खर्चे में भी अनुदान दिया जा रहा है।
डॉ. वीपी बैंस, उपनिदेशक, उद्यान विभाग
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