{"_id":"687f7a4d1ca5ba684e06d613","slug":"lift-the-ban-on-student-union-elections-abvp-solan-news-c-176-1-ssml1040-148888-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र संघ चुनाव पर रोक हटाएं : एबीवीपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्र संघ चुनाव पर रोक हटाएं : एबीवीपी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषद ने मांगों को लेकर सीएम को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बरोटीवाला इकाई ने प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को 7 सूत्रीय मांगपत्र भेजा। परिषद ने सरकार से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की।
परिषद ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को फिर से दबाने की कोशिश की गई तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। एबीवीपी की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा राणा ने बताया कि मांगपत्र में जिन प्रमुख मांगों को उठाया गया, उनमें छात्र संघ चुनावों की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर छात्रसंघ चुनावों को रोक रही है ताकि छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहें।
इसके अतिरिक्त परिषद ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को घेरा है। विद्यार्थी परिषद की मुख्य मांगों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को जल्द से जल्द लागू किया जाए, शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक द्वेष के चलते होने वाली तालाबंदी पर तत्काल रोक लगे, शिक्षण संस्थानों की आधारभूत संरचना का सुधार किया जाए, मूल्यांकन प्रक्रिया में व्याप्त गड़बड़ियों को समाप्त कर पारदर्शिता लाई जाए, प्रदेश में खनन माफिया और नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कर कानून व्यवस्था को सुधारा जाए, विभागों में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए। इसके अलावा आपदाओं प्रभावितों को त्वरित और उचित मुआवजा दिय जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरोटीवाला (सोलन)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बरोटीवाला इकाई ने प्राचार्य के माध्यम से मुख्यमंत्री को 7 सूत्रीय मांगपत्र भेजा। परिषद ने सरकार से छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग की।
परिषद ने सरकार को दो टूक चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को फिर से दबाने की कोशिश की गई तो एबीवीपी उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी। एबीवीपी की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशा राणा ने बताया कि मांगपत्र में जिन प्रमुख मांगों को उठाया गया, उनमें छात्र संघ चुनावों की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जानबूझकर छात्रसंघ चुनावों को रोक रही है ताकि छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रहें।
विज्ञापन
इसके अतिरिक्त परिषद ने सात सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार को घेरा है। विद्यार्थी परिषद की मुख्य मांगों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को जल्द से जल्द लागू किया जाए, शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक द्वेष के चलते होने वाली तालाबंदी पर तत्काल रोक लगे, शिक्षण संस्थानों की आधारभूत संरचना का सुधार किया जाए, मूल्यांकन प्रक्रिया में व्याप्त गड़बड़ियों को समाप्त कर पारदर्शिता लाई जाए, प्रदेश में खनन माफिया और नशा तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कर कानून व्यवस्था को सुधारा जाए, विभागों में रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए। इसके अलावा आपदाओं प्रभावितों को त्वरित और उचित मुआवजा दिय जाए।
विज्ञापन