फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Indsutrial area Baddi to get civil hospital equipped with modern facilities soon

औद्योगिक क्षेत्र बद्दी को जल्द मिलेगा आधुनिक सिविल अस्पताल

Sun, 27 Mar 2022 11:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 11:12 PM IST
विज्ञापन
Indsutrial area Baddi to get civil hospital equipped with modern facilities soon
बद्दी में अस्पताल का निर्माणाधीन भवन। संवाद - फोटो : SOLAN
ओमपाल सिंह
विज्ञापन

बद्दी(सोलन)। बद्दी में जल्द ही 50 बेड की क्षमता का अस्पताल बनकर तैयार होगा। भवन का ढांचा बनकर लगभग तैयार हो गया है। अब केवल फिनिशिंग का कार्य बाकी है। भवन निर्माण कर रहे लोक निर्माण विभाग ने इसे नवंबर तक पूरा करने का टारगेट रखा है। इस अस्पताल के बनने से बीबीएन की ढाई लाख की आबादी को सीधा लाभ होगा।
अभी तक बद्दी में कोई बड़ा सरकारी अस्पताल नहीं था जिसमें आम लोगों का उपचार हो सके। यहां के लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए चंडीगढ़ और पंचकुला जा रहे हैं। अब लोगों को यहीं पर ही सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार 10.62 करोड़ की लागत से बन रहे अस्पताल भवन में महिला और पुरुष मेडिकल वार्ड के अलावा प्रसूति वार्ड और सभी प्रकार के लैब, एक्सरे रूम और सिटी स्कैन आदि के लिए रूम बनाए गए हैं। इसके अलावा इमरजेंसी वार्ड की भी व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देश का सबसे बड़े फार्मा हब होने के बावजूद यहां अभी तक बड़ा अस्पताल नहीं था। सरकार ने पीएचसी का दर्जा बढ़ा कर उसे सिविल अस्पताल तो कर दिया लेकिन अभी तक पीएचसी की बिल्डिंग में काम चलाया जा रहा था।
यहां डॉक्टरों को बैठने की पर्याप्त सुविधा नहीं है। कोरोना काल में सोशल डिस्टेंस होने के चलते खुले में तिरपाल के नीचे ओपीडी लगाई गई। अब यहां भवन निर्माण कार्य चलने के कारण सामुदायिक भवन में ओपीडी चलाई जा रही है।
2010 में हो चुका था प्रस्ताव पास
2010 में पीएचसी के बिल्डिंग सैंक्शन हुई लेकिन इस बीच सरकार बदल गई। 2016 में इसका दर्जा बढ़ाकर सीएचसी कर दिया और 30 बेड स्वीकृत किए गए लेकिन 2017 में बेड बढ़ाकर 50 कर दिए गए। पहले विभाग के नाम जमीन करवाने में काफी समय लगा और जून 2020 में अस्पताल भवन का निर्माण शुरू हुआ। डेढ़ साल की अवधि थी लेकिन बीच में ड्राइंग समय पर नहीं मिलने से काम लटक गया। भवन का स्ट्रक्चर और पिलर तैयार हो गए हैं।
सालों पुरानी मांग को सरकार ने किया पूरा
राजपूत कल्याण बोर्ड के प्रदेश इकाई के सदस्य डीआर चंदेल ने कहा कि बद्दी मेें अस्पताल बहुत पहले बनना चाहिए था। यहां पर अस्पताल की काफी जरूरत है। लोग निजी अस्पताल में उपचार के लिए जाते हैं जहां गरीबों की जेब कटती है। प्रदेश सरकार ने 50 बेड का अस्पताल खोलकर यहां के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया है। नया भवन चालू होने से लोगों को ऑपरेशन की सुविधा भी मिलेगी। अभी गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए यहां से रेफर करना पड़ा है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों का आम लोगों को मिलेगा लाभ
व्यापार मंडल के प्रधान जसवंत राय ने कहा कि नए भवन बनने से यहां पर ओपीडी बढ़ेगी और विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात होंगे जिसका आम लोगों को फायदा होगा। अभी तक भवन की कमी के चलते एक्सरे और अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए रोगियों को निजी अस्पताल में जाना पड़ रहा है। अपना भवन होने से सभी सुविधाएं लोगों को एक ही छत के नीचे मिलेंगी।
भवन निर्माण कार्य के साथ साथ बिजली का काम भी हो शुरू
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र दीपा ने कहा कि भवन निर्माण के लिए डेढ़ साल का समय दिया था लेकिन समय पूरा होने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो पाया है। अभी तक बिजली के तार और ऑक्सीजन की लाइन का कार्य साथ-साथ चलाने से भवन जल्द तैयार होगा। ठेकेदार को फिनिशिंग के साथ-साथ बिजली के तार और ऑक्सीजन सप्लाई लाइन बिछाने की मांग की है।
भवन बनने से सीएसआर योजना भी मिलेगा लाभ
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त सुपरवाइजर राम आसरे का कहना है कि अभी तक बद्दी सिविल अस्पताल पीएचसी के भवन में ही चल रहा था। यहां पर कई उद्योग सीएसआर योजना के तहत अस्पताल को अल्ट्रासाउंड और अन्य मशीनें देना चाहते थे लेकिन भवन के अभाव में नहीं ले पाए। पर्याप्त भवन होने से लोगों को सुविधा मिलेगी और उद्योगपति भी स्वास्थ्य विभाग को उपकरण और मशीनें दान कर सकते हैं।

नवंबर तक भवन बन कर होगा तैयार : मनीष
लोनिवि के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि भवन का ढांचा बनकर तैयार हो गया है। अब इसकी फिनिशिंग का कार्य चला हुआ है। नवंबर तक इसे तैयार करने का टारगेट रखा है। इस भवन पर 10.62 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed