{"_id":"64a851ef50f20850be0b9b99","slug":"heli-taxi-scheme-hangs-in-the-balance-in-barotiwala-solan-news-c-176-1-ssml1040-3006-2023-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: बरोटीवाला में अधर में लटकी है हेली टैक्सी योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: बरोटीवाला में अधर में लटकी है हेली टैक्सी योजना
Fri, 07 Jul 2023 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:53 PM IST
विज्ञापन
बरोटीवाला में बना हैलीपेड। संवाद
बद्दी (सोलन)। बरोटीवाला की हेली टैक्सी सेवा अभी भी अधर में लटकी है। कुछ समय पहले यहां पर डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) की टीम ने दौरा किया था। टीम ने यहां पर करीब 40 मीटर जमीन कम होने का हवाला दिया था। साथ ही हेलीपेड को चारों ओर से कवर करने को कहा था। हालांकि टीम के निर्देशों के बाद अब यहां पर संबंधित विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। ऐसे में अब कार्य पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट डीजीसीए को भेजी जाएगी। उसके बाद ही यहां पर हेली टैक्सी सेवा शुरू होगी।
पर्यटन विभाग का दावा है कि जैसे ही कमियां दूर हो जाएंगी उसके बाद यहां पर दोबारा से ट्रायल लिया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद यहां पर हेली टैक्सी सेवा शुरू हो जाएगी। हेली टैक्सी सेवा शुरू होने से बीबीएन से शिमला मात्र 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को इसका सीधा लाभ होगा। इससे समय की बचत होगी और वहीं पिंजौर और शिमला में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
बरोटीवाला में 23 बीघा 15 बिस्वा जमीन पर यह हेलीपेड बना है। पहले 20 बीघा में बन रहा था लेकिन जमीन कम पड़ऩे से तीन बीघा पंद्रह विस्वा जमीन और ली गई। इस हेलीपेड पर 2.26 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। इसके साथ ही ऑफिस ऑफ पब्लिक सेफ्टी का निर्माण किया गया। एंबुलेंस और फायर वाहन पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं सुरक्षा कर्मियों के लिए भवन की सुविधा होगी। इसके साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग का भी निर्माण किया गया है। जहां पर यात्रियों के आने-जाने की सुविधा के अलावा स्केनिंग की भी होगी। दो वाच टॉवर बनाए गए हैं जो सात मीटर की ऊंचाई पर हैं, जो हेलीकाॅफ्टर के उतरने से पहले सुरक्षा की निगरानी करेगा। सभी कुछ बन कर तैयार है। लेकिन पेड़ों की प्रूनिंग का कार्य होना है वहीं हेलीपैड को थोड़ा चौड़ा करना है।
विज्ञापन
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी रतिराम ने बताया कि डीजीसीए के सहमति मिलने के बाद हेली टैक्सी सेवा शुरू कर दी जाएगी। जो कमियां बताई गई थीं उन्हें दूर किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने के बाद हेली टैक्सी सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसका किराया सरकार की ओर से निर्धारित किया जाएगा।
विज्ञापन
पर्यटन विभाग का दावा है कि जैसे ही कमियां दूर हो जाएंगी उसके बाद यहां पर दोबारा से ट्रायल लिया जाएगा। ट्रायल सफल होने के बाद यहां पर हेली टैक्सी सेवा शुरू हो जाएगी। हेली टैक्सी सेवा शुरू होने से बीबीएन से शिमला मात्र 25 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन को इसका सीधा लाभ होगा। इससे समय की बचत होगी और वहीं पिंजौर और शिमला में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
विज्ञापन
बरोटीवाला में 23 बीघा 15 बिस्वा जमीन पर यह हेलीपेड बना है। पहले 20 बीघा में बन रहा था लेकिन जमीन कम पड़ऩे से तीन बीघा पंद्रह विस्वा जमीन और ली गई। इस हेलीपेड पर 2.26 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। इसके साथ ही ऑफिस ऑफ पब्लिक सेफ्टी का निर्माण किया गया। एंबुलेंस और फायर वाहन पार्किंग की सुविधा होगी। वहीं सुरक्षा कर्मियों के लिए भवन की सुविधा होगी। इसके साथ ही टर्मिनल बिल्डिंग का भी निर्माण किया गया है। जहां पर यात्रियों के आने-जाने की सुविधा के अलावा स्केनिंग की भी होगी। दो वाच टॉवर बनाए गए हैं जो सात मीटर की ऊंचाई पर हैं, जो हेलीकाॅफ्टर के उतरने से पहले सुरक्षा की निगरानी करेगा। सभी कुछ बन कर तैयार है। लेकिन पेड़ों की प्रूनिंग का कार्य होना है वहीं हेलीपैड को थोड़ा चौड़ा करना है।
विज्ञापन
उधर, जिला पर्यटन अधिकारी रतिराम ने बताया कि डीजीसीए के सहमति मिलने के बाद हेली टैक्सी सेवा शुरू कर दी जाएगी। जो कमियां बताई गई थीं उन्हें दूर किया जा रहा है। ट्रायल सफल होने के बाद हेली टैक्सी सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसका किराया सरकार की ओर से निर्धारित किया जाएगा।