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धर्मपुर सीएचसी में स्वास्थ्य सेवाएं चौपट
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 29 Mar 2016 09:35 PM IST
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दो करोड़ से निर्मित सीएचसी धर्मपुर का भवन लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा।
- फोटो : Demo Pic
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दो करोड़ से निर्मित सीएचसी धर्मपुर का भवन लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। नए भवन के संचालन के बाद यहां स्वास्थ्य सेवाएं ठप पड़ गई हैं। बेहतरी की आस लगाए बैठे लोगों को गहरा धक्का लगा है। ऐसे में लोगों का स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। 15 हजार की आबादी इसी केंद्र पर निर्भर है। एनएच शिमला-कालका हाईवे पर बना स्वास्थ्य केंद्र आपात समय में अहम भूमिका निभा सकता है।
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लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री से स्टाफ मुहैया करवाकर स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने की मांग की है। सुरेश, बलवीर, राज सिंह, देवेंद्र, सुनीता, सुमित्रा, सुलोचना, गीता, अनामिका, नरेश, पतराम और सुखराम ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धर्मपुर का नया भवन सुविधाओं के अभाव में छोटा पड़ने लगा है। अस्पताल में आने वाले अनेकों रोगियों को सोलन, शिमला या चंडीगढ़ जाकर इलाज करवाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
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लोगों का कहना है कि सीएचसी के पुराने भवन मे सभी टेस्टों की सुविधा उपलब्ध थी, नए भवनों से यह सुविधा भी बंद हो चुकी है। नए भवन में ऑपरेशन थियेटर है। लेकिन आपरेशन होते नहीं। लोगों को निजी क्लीनिकों में जाकर महंगी कीमतों पर टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। ऑपरेशन थियेटर न होने से परिवार नियोजन के ऑपरेशन भी बंद पड़े हैं। लोगों का दावा है कि यहां दवाएं तक नहीं मिलती हैं।
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महज छह बिस्तरों की सुविधा
इंडोर वार्ड में महज छह बिस्तर ही लग पाते हैं। यहां महिला और पुरुष रोगियों को एकसाथ रखा जा रहा है। इससे मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कभी कभार आपातकाल में स्थिति काफी विकट हो जाती है।
अस्पताल में 30 बेडों की हो व्यवस्था
खादी ग्रामोद्योग के उपाध्यक्ष रमेश चौहान ने कहा कि जब भी सीएम का कसौली दौरा होगा तो समस्याओं से उनको अवगत करवाया जाएगा। अस्पताल को 30 बेड का करने की मांग की जाएगी। साथ ही चिकित्सकों के पद भरने की मांग उठाई जाएगी। धर्मपुर के प्रधान ओमप्रकाश पंवर ने कहा कि स्टाफ की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की दरकार है। कई बार सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया जा चुका है। जल्द डॉक्टरों की कमी को दूर करनेे और टीवी सनेटोरियम के खाली भवन को सीएचसी को सौंपने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने अस्पताल की क्षमता 30 बेड तक करने की मांग की है।
सेवाएं होंगी बेहतर : बीएमओ
खंड चिकित्सा अधिकारी उदय ठाकुर ने कहा की सप्ताह में तीन दिन एक्सरे की सुविधा है। अगर खाली पड़े सेनिटोरियम का भवन स्वास्थ्य विभाग के अधीन होता है तो स्वास्थ्य सेवाएं अधिक बेहतर होंगी। आला अधिकारियों को तमाम स्थिति के बारे में सूचित किया जा चुका है।