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Parwanoo Shimla Fourlane: पुनर्वास और चार गुणा मुआवजे की मांग, नालागढ़-सोलन में सड़कों पर उतरे फोरलेन प्रभावित लोग
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सोलन के मालरोड पर रैली निकालते फोरलेन संघर्ष समिति के सदस्य।
- फोटो : SOLAN
सोलन। परवाणू-शिमला फोरलेन निर्माण से प्रभावित होने वाले परिवारों ने सोमवार को जिला मुख्यालय सोलन और नालागढ़ में प्रदर्शन किया। सोलन में परवाणू-शिमला फोरलेन संघर्ष समिति ने चार गुना मुआवजा सहित पुनर्वास की मांग की। इस दौरान संघर्ष समिति ने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से लेकर सचिवालय तक आक्रोश रैली निकाली। समिति ने उपायुक्त सोलन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी भेजा।
समिति के जिला अध्यक्ष जेसी शर्मा ने कहा कि फोरले प्रभावित पांच सितंबर से 12 सितंबर तक विभिन्न स्थानों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रभावितों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन शुरू होंगे। उन्होंने मांग की कि हिमाचल में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को अनसूना किया जा रहा है।
जेसी शर्मा ने कहा कि हाईवे के साथ लोगों को अब जो जमीन बची हैं, उनका वन टाइम सेटलमेंट किया जाए। सड़क से एक मीटर पीछे उन्हें घर बनाने की टीसीपी और नगर निगम से अनुमति दी जाए। इसके तहत भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत मुआवजे के जो भी प्रावधान हैं, उसके आधार पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभी वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि सरकार का यही रवैया रहा तो जल्द उग्र आंदोलन शुरू कर दिए जाएंगे।
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उधर, फोरलेन और रेलवे के अधीन आने वाले जमीन का चार गुणा मुआवजे की मांग को लेकर जन कल्याण सभा बद्दी इकाई ने नालागढ़ में आक्रोश रैली निकाली। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। सभा अध्यक्ष चरण दास और सचिव हंसराज चौधरी ने कहा कि प्रभावितों को फोरलेन और रेलवे में तहत आने वाली जमीन का फैक्टर-टू के तहत मुआवजा दिया जाए। भूमि हीनों की पांच विश्वा जमीन दी जाए।
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समिति के जिला अध्यक्ष जेसी शर्मा ने कहा कि फोरले प्रभावित पांच सितंबर से 12 सितंबर तक विभिन्न स्थानों पर धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान प्रभावितों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन शुरू होंगे। उन्होंने मांग की कि हिमाचल में भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी बातों को अनसूना किया जा रहा है।
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जेसी शर्मा ने कहा कि हाईवे के साथ लोगों को अब जो जमीन बची हैं, उनका वन टाइम सेटलमेंट किया जाए। सड़क से एक मीटर पीछे उन्हें घर बनाने की टीसीपी और नगर निगम से अनुमति दी जाए। इसके तहत भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत मुआवजे के जो भी प्रावधान हैं, उसके आधार पर प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि अभी वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। यदि सरकार का यही रवैया रहा तो जल्द उग्र आंदोलन शुरू कर दिए जाएंगे।
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उधर, फोरलेन और रेलवे के अधीन आने वाले जमीन का चार गुणा मुआवजे की मांग को लेकर जन कल्याण सभा बद्दी इकाई ने नालागढ़ में आक्रोश रैली निकाली। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। सभा अध्यक्ष चरण दास और सचिव हंसराज चौधरी ने कहा कि प्रभावितों को फोरलेन और रेलवे में तहत आने वाली जमीन का फैक्टर-टू के तहत मुआवजा दिया जाए। भूमि हीनों की पांच विश्वा जमीन दी जाए।