{"_id":"69834b12cdac0091ec054598","slug":"first-day-shiva-parvati-dialogue-and-praise-of-the-glory-of-devotion-solan-news-c-176-1-ssml1040-162615-2026-02-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: पहले दिन शिव-पार्वती संवाद और भक्ति की महिमा का गुणगान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: पहले दिन शिव-पार्वती संवाद और भक्ति की महिमा का गुणगान
विज्ञापन
शिव तांडव गुफा में 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। शिव तांडव गुफा में 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान प्रातः करीब 10:00 बजे कोठी घाटी से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर परिक्रमा की। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और भजनों के बीच निकली यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई शिव तांडव गुफा पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। गुफा परिसर पहुंचने के बाद मुख्य शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया और व्यास पीठ व शिव महापुराण ग्रंथ का विधिवत पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।
दोपहर 2:00 बजे कथा का शुभारंभ करते हुए सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य बलवंत शांडिल ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा में सृष्टि की उत्पत्ति, शिव तत्व की व्यापकता तथा भक्ति के महत्व का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया गया। आचार्य ने बताया कि शिव का स्मरण मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है। कथा में शिव-पार्वती संवाद, भक्ति की महिमा और सत्य, संयम व सदाचार के संदेश को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मंदिर कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस 11 दिवसीय कथा में पहुंचे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुनिहार (सोलन)। शिव तांडव गुफा में 11 दिवसीय शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान प्रातः करीब 10:00 बजे कोठी घाटी से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर नगर परिक्रमा की। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और भजनों के बीच निकली यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई शिव तांडव गुफा पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का स्वागत किया। गुफा परिसर पहुंचने के बाद मुख्य शिवलिंग का जलाभिषेक किया गया और व्यास पीठ व शिव महापुराण ग्रंथ का विधिवत पूजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।
दोपहर 2:00 बजे कथा का शुभारंभ करते हुए सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य बलवंत शांडिल ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिव पुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा में सृष्टि की उत्पत्ति, शिव तत्व की व्यापकता तथा भक्ति के महत्व का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया गया। आचार्य ने बताया कि शिव का स्मरण मनुष्य के भीतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और श्रद्धापूर्वक कथा श्रवण से जन्म-जन्मांतर के पापों का क्षय होता है। कथा में शिव-पार्वती संवाद, भक्ति की महिमा और सत्य, संयम व सदाचार के संदेश को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। मंदिर कमेटी ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस 11 दिवसीय कथा में पहुंचे।
विज्ञापन