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Solan News: बीबीएन में किसानों ने धान की पनीरी लगाना की शुरू

Wed, 27 May 2026 01:30 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 27 May 2026 01:30 AM IST
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Farmers in BBN started planting paddy seedlings.
नालागढ़ में किसानो ने धान की पीनीरी लगानी शुरू की- स्रोत- किसान
क्षेत्र में करीब 6,000 हेक्टेयर जमीन पर होती है धान की फसल
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इस बार हाइब्रिड किस्मों की पनीरी तैयार कर रहे किसान

संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। बीबीएन क्षेत्र में किसानों ने धान की पनीरी लगाना शुरू कर दिया है। इस क्षेत्र में करीब 6,000 हेक्टेयर जमीन पर धान की फसल की खेती होती है, लेकिन पिछले साल कई प्रजातियों में वायरस लगने के बाद इस बार किसानों में धान की बुवाई को लेकर सतर्कता देखी जा रही है। पिछले वर्ष पीआर 131 और पीआर 121 जैसी प्रजातियों में वायरस का असर देखने को मिला था, जिससे फसल को भारी नुकसान हुआ। इसी कारण इस बार किसान इन किस्मों से दूरी बना रहे हैं। अब किसान 7501, 7301, 2020, जेके और महेंद्रा जैसी हाइब्रिड किस्मों की पनीरी तैयार कर रहे हैं, जो लगभग 120 से 125 दिनों में तैयार हो जाती हैं। वहीं 7501 किस्म को 135 दिन का समय लगता है। खेड़ा के किसान अवतार सिंह, नंदपुर के अमर चंद ठाकुर और बरुणा के विनोद ठाकुर ने बताया कि पिछले साल वायरस के कारण भारी नुकसान हुआ था, जिसके चलते इस बार किसान सतर्क हैं। उनका कहना है कि धान की खेती में मेहनत अधिक और मुनाफा कम है, इसलिए कई किसान इस बार कम क्षेत्र में धान लगाने पर विचार कर रहे हैं। दभोटा के किसान सुरमुख सिंह ने भी बताया कि वायरस के डर से इस बार धान का रकबा घट सकता है।

कृषि विभाग ने दी सलाह
डॉ. संदीप गौतम ने किसानों को सलाह दी है कि 115 से 120 दिन में तैयार होने वाली कम अवधि की किस्मों को अपनाएं। इससे पानी की खपत कम होगी और रोग लगने की संभावना भी घटेगी।
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