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Solan News: परवाणू ईएसआई अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीज परेशान
Fri, 29 Dec 2023 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Fri, 29 Dec 2023 11:20 PM IST
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परवाणू के ईएसआई अस्पताल में आंखों का ऑपरेशन थिएटर। संवाद
आसपास की 20 हजार से अधिक की आबादी है निर्भर
मरीजों को बाहरी राज्यों के पंजीकृत अस्पतालों में कर रहे रेफर
एमएम भंडारी
परवाणू(सोलन)। परवाणू स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ न होने से मरीज परेशान हैं। यहां पर मरीजों को आंखों के इलाज के लिए बाहरी राज्यों में रेफर किया जा रहा है। बीते एक माह पहले यहां से नेत्र रोग विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो गए थे, उसके बाद से यहां पर यह पद रिक्त चल रहा है। परवाणू व इसके आसपास लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में ईएसआई अस्पताल में ही आखों के लिए ऑपरेशन थियेटर है। ईएसआई अस्पताल में रोजाना 1000 के करीब ओपीडी रहती है। यहां पर उद्योगों में कार्यरत 20 हजार से अधिक कामगार पंजीकृत हैं। साथ ही आधा दर्जन पंचायतों के गैर ईएसआई मरीज भी यहीं आते हैं। आखों के उपचार, सर्जरी के लिए कामगार यहीं पर आते हैं। मगर यहां पर डॉक्टर न होने के कारण अब मरीजों को दूसरे राज्यों में ईएसआई में पंजीकृत अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें जहां महंगा किराया देकर वहां पहुंचना पड़ता है, वहीं पूरा दिन भी जांच के लिए खराब हो जाता है। कई बार मरीजों को दो या तीन बार बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार बसों में धक्के खाकर जाना पड़ता है। ऐसे में कई मरीज तो निजी क्लीनिकों में ही चले जाते हैं।
गौर रहे कि ईएसआई के अलावा गैर ईएसआई मरीज जिसमें परवाणू, ग्रामीण एरिया टकसाल, बनासर, कोटिनाभ, जाबली, जगेशू, कोटबेजा, पट्टा, धर्मपुर सहित साथ लगते राज्य हरियाणा के कालका, पिंजौर, सूरजपुर क्षेत्र के लोग आखों के उपचार के लिए भी इसी अस्पताल पर निर्भर करते हैं।
उधर, इस बारे ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅ. ज्योति कपिल ने बताया कि यहां से नेत्र विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसे में अब मरीजों को ईएसआई के पंजीकृत अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जा रहा है। ईएसआई अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए थे। उन्होंने अभी तक यहां तैनाती नहीं ली है।
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मरीजों को बाहरी राज्यों के पंजीकृत अस्पतालों में कर रहे रेफर
एमएम भंडारी
परवाणू(सोलन)। परवाणू स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ न होने से मरीज परेशान हैं। यहां पर मरीजों को आंखों के इलाज के लिए बाहरी राज्यों में रेफर किया जा रहा है। बीते एक माह पहले यहां से नेत्र रोग विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो गए थे, उसके बाद से यहां पर यह पद रिक्त चल रहा है। परवाणू व इसके आसपास लगभग 30 किलोमीटर के दायरे में ईएसआई अस्पताल में ही आखों के लिए ऑपरेशन थियेटर है। ईएसआई अस्पताल में रोजाना 1000 के करीब ओपीडी रहती है। यहां पर उद्योगों में कार्यरत 20 हजार से अधिक कामगार पंजीकृत हैं। साथ ही आधा दर्जन पंचायतों के गैर ईएसआई मरीज भी यहीं आते हैं। आखों के उपचार, सर्जरी के लिए कामगार यहीं पर आते हैं। मगर यहां पर डॉक्टर न होने के कारण अब मरीजों को दूसरे राज्यों में ईएसआई में पंजीकृत अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्हें जहां महंगा किराया देकर वहां पहुंचना पड़ता है, वहीं पूरा दिन भी जांच के लिए खराब हो जाता है। कई बार मरीजों को दो या तीन बार बुलाया जाता है, जिससे उन्हें बार-बार बसों में धक्के खाकर जाना पड़ता है। ऐसे में कई मरीज तो निजी क्लीनिकों में ही चले जाते हैं।
गौर रहे कि ईएसआई के अलावा गैर ईएसआई मरीज जिसमें परवाणू, ग्रामीण एरिया टकसाल, बनासर, कोटिनाभ, जाबली, जगेशू, कोटबेजा, पट्टा, धर्मपुर सहित साथ लगते राज्य हरियाणा के कालका, पिंजौर, सूरजपुर क्षेत्र के लोग आखों के उपचार के लिए भी इसी अस्पताल पर निर्भर करते हैं।
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उधर, इस बारे ईएसआई अस्पताल की प्रभारी डाॅ. ज्योति कपिल ने बताया कि यहां से नेत्र विशेषज्ञ सेवानिवृत्त हो गए हैं। ऐसे में अब मरीजों को ईएसआई के पंजीकृत अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जा रहा है। ईएसआई अस्पताल में नेत्र विशेषज्ञ की तैनाती के आदेश स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए थे। उन्होंने अभी तक यहां तैनाती नहीं ली है।
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