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Solan News: डिजिटल शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर चर्चा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। डिग्री कॉलेज में आयोजित शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान पद्धति कार्यशाला का समापन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने की। कार्यक्रम के अंतिम दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर चर्चा की गई। इस मौके पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.डीडी शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सुधार और कार्यान्वयन रणनीतियों पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना और इसे अधिक समावेशी, लचीला, व्यावहारिक और प्रासंगिक बनाना है। उन्होंने शिक्षा संरचना, मल्टी डिसीप्लिनरी शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, शिक्षकों का विकास, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल संसाधनों का विकास, समुदाय की भागीदारी इत्यादि पहलुओं पर भी प्रतिभागियों से विस्तृत और सार्थक चर्चा की। इसके अलावा डॉ. बीएन कमल ने सप्ताह भर चले इस संकाय विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में स्थानीय महाविद्यालय तथा बाहरी महाविद्यालयों से आए लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
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सोलन। डिग्री कॉलेज में आयोजित शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुसंधान पद्धति कार्यशाला का समापन शनिवार को किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्या डॉ. मनीषा कोहली ने की। कार्यक्रम के अंतिम दिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर चर्चा की गई। इस मौके पर सरदार पटेल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो.डीडी शर्मा विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मौके पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 सुधार और कार्यान्वयन रणनीतियों पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव है। जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में सुधार लाना और इसे अधिक समावेशी, लचीला, व्यावहारिक और प्रासंगिक बनाना है। उन्होंने शिक्षा संरचना, मल्टी डिसीप्लिनरी शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, शिक्षकों का विकास, शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटल संसाधनों का विकास, समुदाय की भागीदारी इत्यादि पहलुओं पर भी प्रतिभागियों से विस्तृत और सार्थक चर्चा की। इसके अलावा डॉ. बीएन कमल ने सप्ताह भर चले इस संकाय विकास कार्यक्रम की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस कार्यक्रम में स्थानीय महाविद्यालय तथा बाहरी महाविद्यालयों से आए लगभग 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।