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Solan News: बद्दी-बरोटीवाला में अंधड़ से छह घंटे तत पसरा अंधेरा, 24 फीडर ठप
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क्षेत्र के छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ा कामकाज का असर,बिजली बोर्ड के कर्मचारियों ने बहाल की सप्लाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और बरोटीवाला में बुधवार रात आए अंधड़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गईं, जिससे क्षेत्र के 24 फीडर पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते पूरे इलाके में करीब 6 घंटे तक ब्लैकआउट रहा। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर स्थानीय उद्योगों पर पड़ा।
अचानक बिजली कटने से क्षेत्र के छोटे-बड़े उद्योगाें में काम रुक गया। इसके अलावा लगातार चलने वाले उद्योगों में अचानक पावर कट से कच्चा माल और उत्पादन खराब हो गया। तापमान नियंत्रित रखने के लिए कई उद्योगों को घंटों तक डीजल जनरेटर चलाने पड़े, जिससे लागत में भी इजाफा हुआ। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों ने संकट की स्थिति को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तब बोर्ड की टीमें रात भर फील्ड में रहकर लाइनों को ठीक करने में जुटी रहीं।
कोट
अंधड़ के कारण एक साथ 24 फीडर बंद हो गए थे। टीमों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया और करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अंतिम फीडर को रात 1 बजकर 20 मिनट पर सुचारू कर दिया गया। अब सभी क्षेत्रों और उद्योगों में बिजली आपूर्ति सामान्य है।
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दीपक वर्मा,अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी और बरोटीवाला में बुधवार रात आए अंधड़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अंधड़ के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली की लाइनों पर गिर गईं, जिससे क्षेत्र के 24 फीडर पूरी तरह बंद हो गए। इसके चलते पूरे इलाके में करीब 6 घंटे तक ब्लैकआउट रहा। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर स्थानीय उद्योगों पर पड़ा।
अचानक बिजली कटने से क्षेत्र के छोटे-बड़े उद्योगाें में काम रुक गया। इसके अलावा लगातार चलने वाले उद्योगों में अचानक पावर कट से कच्चा माल और उत्पादन खराब हो गया। तापमान नियंत्रित रखने के लिए कई उद्योगों को घंटों तक डीजल जनरेटर चलाने पड़े, जिससे लागत में भी इजाफा हुआ। बिजली बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों ने संकट की स्थिति को देखते हुए तुरंत मोर्चा संभाला। जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, तब बोर्ड की टीमें रात भर फील्ड में रहकर लाइनों को ठीक करने में जुटी रहीं।
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कोट
अंधड़ के कारण एक साथ 24 फीडर बंद हो गए थे। टीमों ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू किया और करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद अंतिम फीडर को रात 1 बजकर 20 मिनट पर सुचारू कर दिया गया। अब सभी क्षेत्रों और उद्योगों में बिजली आपूर्ति सामान्य है।
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दीपक वर्मा,अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड