फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   सोलन की बेटियों के पास खेलने को मैदान नहीं

सोलन की बेटियों के पास खेलने को मैदान नहीं

Fri, 28 Jul 2017 10:14 PM IST
Updated Fri, 28 Jul 2017 10:14 PM IST
विज्ञापन
सोलन। जिला मुख्यालय के करीब 1100 छात्राओं की आबादी वाले कन्या स्कूल में खेल मैदान नहीं है। इसका सीधा असर छात्राओं के शैक्षणिक विकास पर पड़ रहा है। स्कूल प्रबंधन छात्राओं को खेल गतिविधियों का हिस्सा बनाने के लिए करीब एक किलोमीटर दूर ठोडो मैदान ले जाता है। यहां भी छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
विज्ञापन

स्कूल में खेल मैदान न होने से सोलन स्कूल की छात्राएं राज्यस्तर पर किसी बड़ी स्पर्धा का हिस्सा भी नहीं बन पाई हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सोलन दान की जमीन पर चल रहा है। शहर के बीचोंबीच इस स्कूल की स्थापना की गई है। शुरुआत में छात्राओं की संख्या कम होने से मैदान को प्राथमिकता नहीं दी गई। लेकिन अब छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर शिक्षा विभाग का जोर होने और छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ने के साथ ही खेल मैदान की जरूरत महसूस हो रही है। जानकारी के अनुसार स्कूल प्रबंधन दान में मिली एक इमारत को गिराकर वहां स्कूल मैदान का निर्माण करना चाहता है। लेकिन दानदाता का परिवार इसके लिए तैयार नहीं है। इस वजह को भी स्कूल में खेल मैदान न होने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
विज्ञापन


मैदान होगा तो सुधरेगा प्रदर्शन : प्रिंसिपल
प्रिंसिपल अनीता कौशल ने कहा कि खेल मैदान के इस मुद्दे को कई अधिकारियों के समक्ष उठाया है। लेकिन कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। दानदाता से भी इमारत गिराने की बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक यह भी सिरे नहीं चढ़ र्पाइं। फिलहाल छात्राएं ठोडो मैदान में जाने को मजबूर हैं। स्कूल के पास अपना मैदान होगा तो छात्राओं का प्रदर्शन खेलकूद में बेहतर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


मैदान न होने के कारण खोजेगा विभाग : उपनिदेशक
शिक्षा उपनिदेशक हरदेव सिंह ने कहा कि स्कूल में खेल मैदान न होने के कारण तलाशे जाएंगे। स्कूल प्रबंधन से इस विषय पर बातचीत होगी। वे फिलहाल कार्यालय से बाहर हैं और वापस लौटने के बाद ही इस मसले पर पूरी छानबीन कर फैसला ले पाएंगे।


जगह की कमी आई आड़े : अध्यक्ष
पीटीए अध्यक्ष जीतराम ने कहा कि जगह की कमी की वजह से खेल मैदान नहीं बन पा रहा है। इस बारे में जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। उम्मीद है जल्द ही सकारात्मक जवाब मिलेगा। इसके बाद खेल मैदान का निर्माण करने में स्कूल प्रबंधन सफल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed